राज्य में जन सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर सरकार का बड़ा फोकस — डीजीपी राजीव शर्मा ने डूंगरपुर में उदयपुर रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक ली

राज्य में जन सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर सरकार का बड़ा फोकस — डीजीपी राजीव शर्मा ने डूंगरपुर में उदयपुर रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक ली

25 अगस्त 2025, 08:24 PM | उदयपुर । लोकेंद्र सिंह शेखावत । टेलीग्राफ टाइम्स 

प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिसिंग में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप पुलिस विभाग प्रदेशभर में रेंज स्तरीय समीक्षा बैठकों का आयोजन कर रहा है। इस कड़ी में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार शर्मा ने सोमवार को डूंगरपुर पुलिस लाइन सभागार में उदयपुर रेंज की अहम समीक्षा बैठक ली।

करीब 8 घंटे चली इस बैठक में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, पुलिसिंग की गुणवत्ता, साइबर क्राइम, लंबित आपराधिक प्रकरणों पर कार्रवाई, विशेष अभियानों, और नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन सहित कई विषयों पर विस्तार से समीक्षा की गई और आवश्यक निर्देश दिए गए।

झूठे प्रकरणों पर सख्त कार्रवाई

डीजीपी ने कहा कि गंभीर धाराओं में दर्ज कई प्रकरण झूठे पाए जाते हैं। इससे पुलिस का समय नष्ट होता है और राज्य की छवि खराब होती है। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि कोई केस झूठा पाया जाए तो संबंधित व्यक्ति पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

अवैध शराब पर लगाम

डीजीपी ने हरियाणा और पंजाब से आने वाली अवैध शराब की तस्करी पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केमिकल सप्लायर्स पर निगरानी रखी जाए और दोषियों की संपत्ति अटैच की जाए। वर्ष 2024-25 में दर्ज प्रकरणों की जब्ती सूची तैयार कर सात दिनों में रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने पर जोर

डीजीपी ने कहा कि सड़क हादसों में होने वाली मृत्यु अत्यंत दुखद है और इसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को अपने क्षेत्र में ब्लैक स्पॉट्स चिन्हित कर सुधार करने, रिफ्लेक्टर लगाने, झाड़ियों की कटाई करने और ज़ेब्रा लाइन बनवाने के निर्देश दिए। उन्होंने ओवरलोडिंग, ओवरस्पीडिंग और ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख्त कार्रवाई करने को भी कहा।

अपराधियों और हिस्ट्रीशीटरों पर निगरानी

डीजीपी ने निर्देश दिया कि हार्डकोर अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों और पहले से चिन्हित अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। यदि जेल से छूटने के बाद वे दोबारा अपराध करते हैं तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित पुलिस अधिकारी की होगी।

साइबर क्राइम पर त्वरित कार्रवाई

डीजीपी ने साइबर क्राइम मामलों में त्वरित कार्रवाई करने और हर जिले में स्थापित साइबर डेस्क को मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कम से कम तीन पुलिसकर्मियों को तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाए ताकि आमजन को शीघ्र राहत मिल सके।

नवाचार ‘ऑपरेशन संस्कार’ की सराहना

बैठक में डूंगरपुर एसपी मनीष कुमार ने ‘ऑपरेशन संस्कार’ अभियान की जानकारी दी, जिसके तहत सोशल मीडिया पर रील्स बनाकर जनजागृति फैलाई जा रही है। डीजीपी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे अनुकरणीय बताया।

लंबित मामलों और नए कानूनों पर निर्देश

डीजीपी ने न्यायालय में लंबित मामलों पर तथ्यात्मक और गुणवत्तापूर्ण जवाब समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने गंभीर अपराधों, महिला अत्याचार, पोक्सो एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, अवैध हथियार और नए आपराधिक कानूनों (बीएनएस) के तहत दर्ज प्रकरणों की समीक्षा कर समयबद्ध निपटान पर जोर दिया। साथ ही फोरेंसिक और ई-एविडेंस के प्रभावी उपयोग तथा वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी व निरोधात्मक कार्रवाई करने को कहा।

बैठक में मौजूद अधिकारी

बैठक में आईजी उदयपुर रेंज गौरव श्रीवास्तव, डीआईजी (कार्मिक) एवं डीजीपी के प्रिंसिपल स्टाफ ऑफिसर कुंवर राष्ट्रदीप सहित उदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और डूंगरपुर जिलों के एसपी, एएसपी, डिप्टी और एसएचओ स्तर के अधिकारी शामिल हुए।

इससे पूर्व डूंगरपुर पहुंचने पर डीजीपी राजीव शर्मा को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। डूंगरपुर एसपी मनीष कुमार ने उनकी अगवानी की।

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