राज्य बजट 2026-27: सवाई माधोपुर के लिए खुले सौगातों के द्वार, मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने गिनाईं उपलब्धियां
| नरेश गुनानी
जयपुर/सवाई माधोपुर, 15 फरवरी। कृषि, ग्रामीण विकास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने रविवार को सवाई माधोपुर जिला कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने राज्य बजट 2026-27 को राजस्थान के सर्वांगीण विकास का रोडमैप बताते हुए सवाई माधोपुर जिले के लिए की गई बड़ी घोषणाओं की विस्तृत जानकारी साझा की।
8 करोड़ प्रदेशवासियों के कल्याण का दस्तावेज
डॉ. मीणा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पेश किया गया यह बजट मात्र एक वित्तीय विवरण नहीं, बल्कि महिला, युवा, किसान और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
- बजट का आकार: 6,10,956 करोड़ रुपये (पिछले वर्ष से 41% अधिक)।
- आर्थिक लक्ष्य: प्रति व्यक्ति आय पहली बार 2 लाख रुपये के पार पहुंचने का अनुमान।
- प्रमुख स्तंभ: शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सुशासन और हरित विकास सहित 10 मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित।
सवाई माधोपुर को मिलीं बड़ी सौगातें
मंत्री ने जिले के विकास के लिए बजट में किए गए विशेष प्रावधानों को रेखांकित किया:
1. बुनियादी ढांचा और सड़क विकास:
- जिले में 15 करोड़ की लागत से सड़कों का सुदृढ़ीकरण होगा।
- खंडार क्षेत्र में 7 करोड़ से पुलिया निर्माण और बामनवास में नई सड़कों का जाल बिछेगा।
- लटिया नाले की पक्की दीवार और सफाई (डिसिल्टिंग) के लिए 220 करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान।
2. जल प्रबंधन और बाढ़ सुरक्षा:
- जड़ावता क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा और खेतों में मिट्टी भराव के लिए 75 करोड़ रुपये स्वीकृत।
- मोरेल बांध नहर प्रणाली के नवीनीकरण के लिए 20 करोड़ और मोरेल नदी पर एनिकट निर्माण हेतु 20 करोड़ रुपये।
- मानसरोवर बांध (खंडार) की मरम्मत के लिए 8 करोड़ रुपये।
3. रोजगार और कौशल विकास:
- युवाओं के लिए सवाई माधोपुर में फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (FTO) की स्थापना होगी।
- महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए जिला स्तर पर रूरल वूमन बीपीओ स्थापित किए जाएंगे।
- प्रत्येक जिले की तरह यहाँ भी ‘इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल डेवलपमेंट’ शुरू होगा।
4. कृषि और उद्योग:
- पंच गौरव योजना के तहत 150 करोड़ रुपये की लागत से अमरूद प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की जाएगी, जिससे स्थानीय किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा।
- चकेरी-सवाई माधोपुर में 132 केवी जीएसएस का निर्माण और सब्जी मंडी में विकास कार्य होंगे।
प्रदेश स्तर के प्रमुख नवाचार
डॉ. मीणा ने बताया कि प्रदेश में पारदर्शिता के लिए ‘राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी’ का गठन और 5 साल में 4 लाख सरकारी नौकरियों का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा:
- ग्रीन बजट: नमो नर्सरी और ऑक्सीजन जोन का निर्माण।
- पेयजल: अमृत 2.0 के तहत 3 लाख नए कनेक्शन और प्रदेशभर में 1800 नए ट्यूबवेल/हैंडपंप।
- स्वास्थ्य: जिला अस्पतालों में मानसिक स्वास्थ्य देखभाल प्रकोष्ठ और नशामुक्ति वार्ड की स्थापना।
- शिक्षा: ‘स्कूल टू वर्क’ और ‘स्कूल ऑन व्हील्स’ जैसे अभिनव कार्यक्रम।
2047 के विकसित राजस्थान का विजन
मंत्री ने विश्वास जताया कि यह बजट राजस्थान को 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि सरकार घोषणाओं को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसका प्रमाण पिछली घोषणाओं की 90% से अधिक क्रियान्विति है।
पत्रकार वार्ता के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी उपस्थित रहे।
