राज्य की सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों को आदर्श आंगनबाड़ी बनाने के ध्येय से अधिकारी करें कार्य: उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी — जर्जर भवन वाले आंगनबाड़ी केंद्रों को तत्काल अन्यत्र स्थानान्तरित किया जाए
04 सितम्बर 2025, लोकेंद्र सिंह शेखावत। टेलीग्राफ टाइम्स
जयपुर, 04 सितम्बर। उप मुख्यमंत्री एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में गुरुवार को शासन सचिवालय में राज्य में आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण एवं जर्जर/मरम्मत योग्य आंगनबाड़ी भवनों के जीर्णोद्धार के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में महिला एवं बाल विकास शासन सचिव महेन्द्र सोनी, निदेशक (समेकित बाल विकास सेवाएं) वासुदेव मालावत, मुख्य अभियंता (भवन) सार्वजनिक निर्माण विभाग, समग्र शिक्षा अभियान के तकनीकी अधिकारी, नंद घर प्रभारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं राज्य के सभी जिलों के उपनिदेशक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।
बैठक में उप मुख्यमंत्री ने जिलेवार समीक्षा करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण और जर्जर भवनों के जीर्णोद्धार का कार्य समयबद्धता से पूरा किया जाए तथा आवंटित बजट का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य की सभी आंगनबाड़ियों को आदर्श आंगनबाड़ी बनाने के लक्ष्य से अधिकारी फील्ड में कार्य करें और नियमित मॉनिटरिंग भी करें।
दिया कुमारी ने कहा कि जिला उपनिदेशक जिला कलेक्टर्स के माध्यम से आंगनबाड़ी केन्द्रों का सर्वे शीघ्र पूर्ण करवाएं। असुरक्षित और जर्जर भवनों को डिमोलिश कर वहां संचालित आंगनबाड़ियों को तत्काल अन्यत्र स्थानान्तरित किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
उन्होंने उन जिला उपनिदेशकों के प्रति नाराजगी व्यक्त की जिन्होंने अब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं करवाए हैं। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अगले 15 दिनों में प्रगति की समीक्षा की जाएगी। साथ ही, एक सप्ताह के भीतर सिविल कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भेजी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि आंकड़ों में कोई अंतर न हो। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से तय लक्ष्यों की प्राप्ति करें और किए गए कार्यों की पूरी रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करें। किसी भी तरह की कोताही को गंभीरता से लिया जाएगा।
उन्होंने आगे निर्देश दिया कि निर्धारित कार्यों की टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर कार्यों की शुरुआत करें। उपनिदेशक फील्ड में रहकर कार्यों की प्रभावी निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि आंगनबाड़ी भवन आधारभूत सुविधाओं के साथ विकसित किए जाएं।
दिया कुमारी ने कहा कि आंगनबाड़ियों के विकास कार्य केवल राज्य सरकार के बजट से ही नहीं, बल्कि सीएसआर, आपदा सहायता फंड, डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड और विधायक निधि के माध्यम से भी जिला कलेक्टर्स के जरिए कराए जाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं।
बैठक में उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी केन्द्रों का विकास बच्चों और महिलाओं के पोषण व शिक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
