राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने राजगढ़ भैरव धाम में की पूजा-अर्चना: प्रदेश की खुशहाली और नशामुक्ति का दिया संदेश
अजमेर/जयपुर | 25 दिसम्बर, 2025
| नरेश गुनानी
राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने गुरुवार को अजमेर जिले के राजगढ़ स्थित प्रसिद्ध मसाणिया भैरव धाम पहुंचकर मत्था टेका। इस अवसर पर उन्होंने विशेष पूजा-अर्चना कर राज्य के नागरिकों की सुख-समृद्धि, संपन्नता और उत्तम स्वास्थ्य के लिए मंगल कामना की।
इस धार्मिक आयोजन के दौरान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी भी उनके साथ उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने भैरव देव की आराधना कर प्रदेश में शांति और खुशहाली की प्रार्थना की।
सर्व धर्म शक्ति स्तम्भ के 23वें स्थापना दिवस पर दी बधाई
राज्यपाल ने भैरव धाम के सर्व धर्म शक्ति स्तम्भ के 23वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में उपस्थित श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ‘भैरव’ नाम की महिमा बताते हुए कहा:
”भैरव शब्द का अर्थ ही भय से मुक्ति प्रदान करने वाला है। वे काल के भी स्वामी हैं, इसलिए उन्हें ‘काल-भैरव’ कहा जाता है। उनकी शरण में आने वाला हर भक्त निर्भय होकर लौटता है।”
चम्पालाल महाराज के सेवा कार्यों की सराहना
समारोह के दौरान राज्यपाल ने मुख्य उपासक चम्पालाल महाराज का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे उपासक विरल होते हैं जो अपना संपूर्ण जीवन जनसेवा और ईश्वर की भक्ति में समर्पित कर देते हैं। बागडे ने धाम द्वारा किए जा रहे मानवीय कार्यों की भी विस्तार से प्रशंसा की, जिनमें प्रमुख हैं:
- पेयजल आपूर्ति: अभावग्रस्त गांवों में टैंकरों के माध्यम से निशुल्क पानी पहुंचाना।
- नशामुक्ति अभियान: समाज को व्यसनों से मुक्त करने के लिए चलाए जा रहे निरंतर प्रयास।
- सामाजिक सहायता: जरूरतमंद परिवारों और वंचित वर्गों की मदद के लिए किए जा रहे कार्य।
विधानसभा अध्यक्ष ने भी व्यक्त किए विचार
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने राजगढ़ भैरव धाम को आस्था का एक बड़ा केंद्र बताते हुए कहा कि यहाँ आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट श्रद्धा और यहाँ चलने वाले सेवा कार्य पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायी हैं।
कार्यक्रम के अंत में मसाणिया भैरव धाम प्रबंध समिति ने अतिथियों का स्वागत किया और उन्हें धाम की गतिविधियों से अवगत कराया। इस अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।

