राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने सर पदमपत सिंघानिया विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में किया शिरकत
युवा अपने ज्ञान का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करें — राज्यपाल बागडे
उदयपुर, 29, अक्टूबर 2025।
Naresh Gunani •
राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा का अंत नहीं, बल्कि अर्जित ज्ञान के व्यावहारिक उपयोग का शुभारंभ है। युवाओं को चाहिए कि वे अपने ज्ञान, कौशल और ऊर्जा का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करें।
वे मंगलवार शाम को उदयपुर जिले के भटेवर स्थित सर पदमपत सिंघानिया विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
राज्यपाल श्री बागडे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में किसी भी पद पर रहें, सदैव लोक कल्याण की भावना को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि ज्ञान से विनम्रता आती है, इसलिए उसका कभी अहंकार नहीं पालना चाहिए।
राज्यपाल ने युवाओं को समय प्रबंधन का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि भारतीय दर्शन के अनुसार जीवन के पहले 25 वर्ष अध्ययन के लिए समर्पित करने चाहिए ताकि व्यक्ति योग्य और जिम्मेदार नागरिक बन सके। उन्होंने कहा, “समय किसी दुकान पर नहीं मिलता, इसलिए उसका सदुपयोग और नियोजन सीखें।”
राज्यपाल श्री बागडे ने भारतीय संसद के प्रथम अध्यक्ष जी.वी. मावलंकर से जुड़ा एक प्रेरक प्रसंग सुनाया और विद्यार्थियों से अन्न की बर्बादी रोकने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हर कार्य में नियोजन का महत्व है — “थाली का नियोजन भी उसी का हिस्सा है। जितना खा सकते हैं उतना ही लें, क्योंकि भोजन का अपव्यय अनुचित है।”
राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 2047 में आजादी की 100वीं वर्षगांठ तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने युवाओं से इस राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने में योगदान देने का आह्वान किया।
उन्होंने भारतीय ज्ञान कोष के महत्व का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से उसके अध्ययन और शोध के लिए प्रेरित किया। साथ ही मेवाड़ के शौर्य और बलिदान की परंपरा से प्रेरणा लेकर राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित होने का आह्वान किया।
समारोह में राज्यपाल श्री बागडे की उपस्थिति में विश्वविद्यालय के 321 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इस अवसर पर भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कोच सेड्रिक डीसूजा, उद्योगपति मनोज सिंघल और टीवी कलाकार अर्चना पूरनसिंह को मानद डॉक्टरेट उपाधि से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थी गुड़ापली श्रीहरि को कुलाधिपति पदक तथा तीन अन्य विद्यार्थियों को कुलपति पदक से सम्मानित किया गया।