राज्यपाल ने “है नमन उनको” कार्यक्रम में वीरांगनाओं को किया सम्मानित
कहा—माताएं पालने में ही अपने बच्चों को वीरता का पाठ पढ़ा देती हैं
जयपुर, 30 अगस्त। नरेश गुनानी।टेलीग्राफ टाइम्स
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि राजस्थान वीर और वीरांगनाओं की भूमि है। यहां की माताएं पालने में ही अपने बच्चों को साहस और शौर्य का पाठ पढ़ा देती हैं। इसीलिए कहा गया है— “पूत सिखावे पालणै, मरण बड़ाई जाण।”
राज्यपाल शनिवार को शहर के एक होटल में आयोजित “है नमन उनको” कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित वीरांगना सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।

स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं की भूमिका
राज्यपाल ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं ने भी साहस और वीरता की अद्भुत गाथाएं लिखीं। राष्ट्र उन माताओं का सदैव ऋणी रहेगा जो अपने पुत्रों और पुत्रियों को सेना में भेजकर गौरव का अनुभव करती हैं। उन्होंने कहा कि वीरांगनाओं का सम्मान हमारी गौरवशाली परम्परा का पवित्र अनुष्ठान है।
ऐतिहासिक वीरांगनाओं का स्मरण
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कालीबाई, रानी पद्मिनी, कर्मावती, रानी भटियाणी, जीजाबाई, हाड़ी रानी, पन्ना धाय, रानी दुर्गावती और झांसी की रानी लक्ष्मीबाई जैसी महान वीरांगनाओं का स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया।
वीरांगनाओं का सम्मान
इस अवसर पर राज्यपाल ने वीरांगनाओं को सम्मानित किया और उनके योगदान को समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत बताया। समारोह में उपस्थित गणमान्य नागरिकों और अतिथियों ने भी वीरांगनाओं के सम्मान में जोरदार तालियां बजाईं।