दौसा/जयपुर/ सुनील शर्मा/राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने जिला कलक्ट्रेट सभागार में प्रशासनिक व विभागीय अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा की गुणवत्ता और मादक पदार्थों की रोकथाम से जुड़े अभियानों की गहन समीक्षा की। राज्यपाल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े इन सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ठोस और परिणामोन्मुखी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
टीबी उन्मूलन: हर मरीज को मिले समय पर समुचित उपचार
- स्थिति की समीक्षा: राज्यपाल ने जिले में टीबी ग्रसित मरीजों की वर्तमान संख्या, उनकी औसत आयु और चल रहे उपचार की प्रगति की विस्तृत रिपोर्ट ली।
- गंभीर मरीजों की देखभाल: उन्होंने निर्देश दिए कि टीबी मुक्त जिले का लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रत्येक मरीज तक समय पर पूरी दवाएं पहुंचें। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को आवश्यकतानुसार तुरंत अस्पतालों में भर्ती करवाकर समुचित इलाज दिया जाए।
‘नशा मुक्त दौसा’: सप्लायर्स और नेटवर्क पर कड़ा प्रहार
- स्रोतों पर कार्रवाई: राज्यपाल ने ‘नशा मुक्त दौसा’ अभियान को गति देने के लिए पुलिस और प्रशासन को मादक पदार्थों के मुख्य स्रोतों तक पहुंचकर नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के निर्देश दिए।
- शिक्षण संस्थानों के पास निगरानी: स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों के आसपास किसी भी प्रकार के नशे की उपलब्धता को रोकने के लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई करने को कहा।
- जागरूकता अभियान: युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करने के लिए सामाजिक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने तथा सरकारी विभागों में कार्मिकों के स्तर पर भी नशा मुक्ति की पहल करने पर जोर दिया गया।
शिक्षा व्यवस्था: ड्रॉपआउट पर रोक और गुणवत्ता पर फोकस
- शिक्षक-छात्र अनुपात: जिले में छात्र संख्या, विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता और शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात की समीक्षा करते हुए शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
- ड्रॉपआउट रोकने के निर्देश: राज्यपाल ने कहा कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और किसी भी स्तर पर बच्चों की पढ़ाई बीच में न छूटे।
- शिक्षकों से आह्वान: उन्होंने शिक्षकों से ‘मैं शिक्षक हूं’ की सेवा भावना के साथ विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का आह्वान किया। इसके साथ ही उन्होंने जिले से नीट (NEET) और जेईई (JEE) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित हुए विद्यार्थियों के बारे में जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।