राजेश पायलट पुण्यतिथि कार्यक्रम: अशोक गहलोत-सचिन पायलट की नजदीकी ने दिया कांग्रेस में एकजुटता का संदेश
Edited By : गौरव कोचर
टेलीग्राफ टाइम्स
जून 11,2025
राजनीति | दौसा, 11 जून 2025:
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय राजेश पायलट की 25वीं पुण्यतिथि के अवसर पर राजस्थान के दौसा जिले में बुधवार को एक भव्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन ने न केवल राजेश पायलट को सम्मानित करने का कार्य किया, बल्कि कांग्रेस पार्टी के अंदर वर्षों से चले आ रहे कथित मतभेदों पर भी विराम लगाने का मंच बन गया।
गहलोत-पायलट की नजदीकी ने बदला राजनीतिक परिदृश्य
इस विशेष मौके पर मंच साझा करते नजर आए कांग्रेस के दो दिग्गज नेता—पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट। दोनों नेताओं की एकजुटता और स्नेहिल अंदाज़ ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया कि पार्टी के भीतर आपसी मतभेद भले ही रहे हों, लेकिन आज पार्टी एकजुट होकर आगे बढ़ने को तैयार है।
अशोक गहलोत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा,
“मैं और पायलट कब अलग थे? हम तो हमेशा से साथ हैं और हमारे बीच मोहब्बत बनी रहेगी। यह तो मीडिया है जो अनबन की खबरें फैलाता है।”
गहलोत के इस बयान ने लंबे समय से चल रही चर्चाओं को शांत कर दिया और कांग्रेस के अंदर की एकजुटता को उजागर किया।
सचिन पायलट का स्पष्ट संदेश – ‘भविष्य की ओर देखें, एकजुट हों’
सचिन पायलट ने मीडिया से बातचीत में कहा,
“अगर कभी मतभेद थे, तो हमने साथ बैठकर सुलझाए। अब समय है आगे बढ़ने का। भाजपा से मुकाबला करने के लिए हमें एकजुट होना होगा। व्यक्तियों के काम करने का तरीका अलग होता है, लेकिन लक्ष्य एक ही होना चाहिए – कांग्रेस को मजबूत बनाना।”
उन्होंने यह भी कहा कि 2023 के विधानसभा चुनावों में पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया था, और अब आगे की राजनीति में तालमेल ही सफलता की कुंजी होगी।
भीड़ और जोश से भरा कार्यक्रम, दिग्गज नेता रहे शामिल
कार्यक्रम की भीड़ और कार्यकर्ताओं के उत्साह ने यह सिद्ध कर दिया कि सचिन पायलट का ज़मीनी समर्थन अभी भी मजबूत है। जैसे ही वे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया और मंच तक पहुंचने में उन्हें समय लगा।
कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
- अशोक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री
- गोविंद सिंह डोटासरा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष
- टीकाराम जूली, नेता प्रतिपक्ष
- विधायक मनोज मेघवाल, विनोद गोठवाल, पूसाराम गोदारा
- रूबी किन्नर, मंगीलाल मीणा, जाकिर गेसावत
- अमित चाचान, रोहित बोहरा, संजय जाटव
- उदयलाल अंजाना (विधायक पद के प्रत्याशी), गोविंद मेघवाल (पूर्व मंत्री)
- पुष्पेंद्र भारद्वाज, राजेंद्र मूंड, चेतन डूडी (पूर्व विधायक)
- अभिषेक चौधरी, सोनादेवी बावरी (पूर्व विधायक)
- सांसद कुलदीप इंदोरा, प्रह्लाद गुंजल (सांसद पद के प्रत्याशी)
राजनीतिक संकेत स्पष्ट – कांग्रेस में नई ऊर्जा
यह आयोजन एक राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है, जहां कांग्रेस पार्टी आगामी चुनावों से पहले अपनी अंदरूनी एकजुटता और समन्वय को दिखाने में सफल रही। गहलोत और पायलट के बीच दिखा सौहार्दपूर्ण व्यवहार आने वाले समय में पार्टी के लिए एक नई रणनीति और मजबूत नेतृत्व की दिशा का संकेत माना जा रहा है।