नई दिल्ली: नरेश गुनानी/ देश भर की पंचायतों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित करने हेतु बुधवार, 3 जून 2026 को नई दिल्ली में ‘राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025’ वितरण समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस भव्य समारोह में केंद्रीय पंचायती राज एवं मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल द्वारा कुल 42 उत्कृष्ट पंचायतों को पुरस्कृत किया जाएगा।
इस गरिमामयी अवसर पर पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के पंचायती राज संस्थानों के निर्वाचित प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।
दो प्रमुख श्रेणियों में दिए जाएंगे पुरस्कार
3 जून को होने वाले इस समारोह में राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार (NPA)-2025 की शेष बची श्रेणियों के तहत पुरस्कार वितरित किए जाएंगे। कुल 42 पुरस्कारों का विवरण इस प्रकार है:
-
- दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार: इसके अंतर्गत देश की 34 ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा।
- नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार: इस श्रेणी के तहत 8 पंचायतों को पुरस्कृत किया जाएगा।
विशेष नोट: इससे पहले, 24 अप्रैल 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन विशेष श्रेणियों के अंतर्गत राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 प्रदान किए थे। कल का कार्यक्रम इसी कड़ी का अगला चरण है।
ई-पुस्तक और संकलन का होगा विमोचन
पुरस्कार वितरण के साथ-साथ इस समारोह में पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में दो महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जारी किए जाएंगे:
-
-
- सफलता की ई-पुस्तक: पुरस्कार प्राप्त करने वाली पंचायतों के उत्कृष्ट कार्यों और उनकी सर्वोत्तम कार्य प्रणाली (Best Practices) को प्रलेखित करने वाली एक विशेष ई-पुस्तक का विमोचन होगा।
- विशेष संकलन: देश भर में पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर विकास को गति देने वाली बेहतरीन कार्य प्रणालियों का एक संकलन भी जारी किया जाएगा।
-
अनुभव साझा करेंगे पंचायत प्रतिनिधि
समारोह को और अधिक उद्देश्यपूर्ण बनाने के लिए मुख्य पुरस्कार वितरण से पहले दो विशेष सत्रों का आयोजन किया जाएगा। इन सत्रों में पुरस्कार विजेता पंचायतों के प्रमुख शामिल होंगे, जो अपनी प्रस्तुतियों (Presentations) के माध्यम से अपनी सफलताओं, अनूठे प्रयासों और जमीनी स्तर पर हासिल की गई उपलब्धियों को साझा करेंगे ताकि अन्य पंचायतें भी इससे प्रेरणा ले सकें।