राजीविका से सपनों को मिले पंख, चारदीवारी से निकलकर आत्मनिर्भर बनीं महिलाएं: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजीविका से सपनों को मिले पंख, चारदीवारी से निकलकर आत्मनिर्भर बनीं महिलाएं: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर, 22 दिसंबर 2024

| नरेश गुनानी

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को जयपुर के एचसीएम रीपा (OTS) में आयोजित राज्य स्तरीय ‘लखपति दीदी संवाद’ कार्यक्रम में प्रदेश की महिलाओं से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने 60 लखपति दीदियों के आत्मनिर्भर बनने के अनुभवों को सुना और उनके जज्बे की सराहना की। संवाद के दौरान महिलाओं ने भावुक होकर कहा कि राजीविका ने न केवल उन्हें आर्थिक संबल दिया है, बल्कि समाज में एक नई पहचान भी दिलाई है।

सपनों को मिली नई उड़ान: लाभार्थियों की जुबानी

​संवाद के दौरान विभिन्न जिलों की महिलाओं ने अपनी सफलता की कहानियाँ साझा कीं:

  • दौसा की दिनेश कंवर: बैंक सखी के रूप में कार्यरत दिनेश अब बाजरे के बिस्कुट का व्यवसाय शुरू करने जा रही हैं। वे अपने उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी बेचेंगी।
  • गीता बैरवा और ललीता देवी: गीता ने बताया कि अब वे प्रतिमाह 20 से 25 हजार रुपये कमा रही हैं, जबकि ललीता ने मजदूरी छोड़कर मसालों का काम शुरू किया है, जिससे उन्हें 15 हजार रुपये तक की मासिक आय हो रही है।
  • जयपुर की अर्चना गुर्जर: अर्चना ने गर्व से कहा कि राजीविका से जुड़ने के बाद अब उन्हें गाँव में उनके खुद के नाम से जाना जाता है और परिवार भी उनके व्यवसाय में पूरा सहयोग कर रहा है।

महिला सशक्तीकरण का नया अध्याय

​मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिला सशक्तीकरण का नया अध्याय लिखा जा रहा है। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी इस मुहिम से जोड़ें।

​”हमारी सरकार महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने वालों को विशेष रूप से प्रोत्साहित करेगी। लखपति दीदी योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।” — भजनलाल शर्मा, मुख्यमंत्री

 

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए जिलों से जुड़ाव

​मुख्यमंत्री ने जयपुर के अलावा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अन्य जिलों की लाभार्थियों से भी बात की:

  • अलवर की शारदा और गीता: शारदा सालाना 2 लाख रुपये कमा रही हैं, वहीं गीता ने ऋण लेकर अपनी पढ़ाई पूरी की और अब मसालों के व्यवसाय से जुड़ी हैं।
  • बांसवाड़ा और बाड़मेर: बांसवाड़ा की निर्मला क्लस्टर कॉर्डिनेटर के रूप में 20 हजार रुपये महीना कमा रही हैं, जबकि बाड़मेर की लता कुमारी ने बताया कि राजीविका से जुड़ने के बाद वे अपने पति के व्यवसाय में भी आर्थिक मदद कर रही हैं।

गरिमामयी उपस्थिति

​इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव (ग्रामीण विकास) श्रेया गुहा सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने लखपति दीदियों के आत्मविश्वास और उनकी सफलता को प्रदेश के विकास के लिए शुभ संकेत बताया।

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