राजीविका और वी. शक्ति ट्रस्ट दिल्ली के बीच “गैर वित्तीय” समझौते पर हस्ताक्षर
28 अगस्त 2025, 08:06 PM लोकेंद्र सिंह शेखावत, टेलीग्राफ टाइम्स।
जयपुर, 28 अगस्त। राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) और वी. शक्ति ट्रस्ट दिल्ली के बीच गुरुवार को एक “गैर वित्तीय” समझौता पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते पर राज्य मिशन निदेशक राजीविका नेहा गिरी और वी शक्ति फाउंडेशन की फाउंडर एवं ट्रस्टी प्रज्ञा यादव ने हस्ताक्षर किए।

नेहा गिरी ने बताया कि इस समझौते का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), शिल्पकारों और लघु व्यवसायियों को उनके उत्पादों और कौशल को प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध कराना है। इसके जरिए स्थानीय संसाधनों के आधार पर आय बढ़ाने, वित्तीय स्वतंत्रता को प्रोत्साहित करने और महिलाओं के खिलाफ हिंसा रोकने के साथ लैंगिक समानता पर जागरूकता बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि राजीविका का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण गरीब महिलाओं को एसएचजी, ग्राम संगठन (वीओ) और क्लस्टर स्तरीय संघों (सीएलएफ) में संगठित कर उन्हें विभिन्न परियोजनाओं से जोड़ना है, ताकि हर गरीब परिवार की आजीविका में विविधता लाई जा सके। इसके तहत कृषि और गैर-कृषि क्षेत्रों में लघु व सूक्ष्म उद्यमों को बढ़ावा देना, उत्पादों की बिक्री के लिए मार्ट व आउटलेट्स, सरकारी खरीद, ऑनलाइन बिक्री, निर्यात और सेवा क्षेत्र में अवसर उपलब्ध कराना शामिल है।
वी शक्ति ट्रस्ट महिलाओं को कौशल विकास और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए प्रशिक्षण देकर आत्मविश्वास और आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देता है। यह संस्था समावेशी अवसरों के सृजन के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, समुदायों के उत्थान और सतत विकास की दिशा में कार्य करती है।
राजीविका और वी शक्ति ट्रस्ट ने प्रारंभिक तौर पर अलवर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया है। यहां ग्रामीण उद्यमिता, क्षमता निर्माण और लैंगिक समानता पर विशेष कार्य किया जाएगा। धीरे-धीरे इस पहल को पूरे राजस्थान में विस्तार देकर महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए जाएंगे।
यह समझौता पूर्णतः गैर वित्तीय है। इसके अंतर्गत एसएचजी सदस्यों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण कार्यशालाएं और तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाएगा। साथ ही नए कौशल, पुनः कौशल विकास और कौशल उन्नयन के अवसर देकर छोटे व्यवसाय शुरू करने में सहयोग मिलेगा।
वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं को बचत और ऋण प्रबंधन, डिजिटल भुगतान का उपयोग, स्मार्टफोन और डिजिटल ऐप्स का प्रयोग, इंटरनेट सुरक्षा और ऑनलाइन मार्केटिंग जैसी जानकारियां दी जाएंगी। समझौते पर हस्ताक्षर के अवसर पर विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।