नरेश गुनानी
उदयपुर। आबकारी आयुक्त श्री नमित मेहता ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने दायित्वों के प्रति सजग और संवेदनशील रहें। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
आबकारी आयुक्त बुधवार को उदयपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से प्रदेश स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
समयबद्ध लक्ष्यों पर जोर
बैठक के दौरान श्री मेहता ने राज्य सरकार की आबकारी नीति का हवाला देते हुए कहा कि राजस्व अर्जन, बंदोबस्त प्रक्रिया, बकाया वसूली और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने जैसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से शत-प्रतिशत पूरा किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने जिलेवार प्रगति की समीक्षा करते हुए निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए:
- मदिरा उठाव की स्थिति और राजस्व संग्रहण।
- राजस्थान संपर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण।
- जब्त किए गए वाहनों की नीलामी और मालखाना निस्तारण की प्रक्रिया।
1 मई से प्रदेशव्यापी विशेष अभियान
अवैध शराब पर लगाम कसने के लिए आबकारी आयुक्त ने एक बड़े अभियान की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि 1 मई से 15 मई 2026 तक पूरे प्रदेश में अवैध शराब के परिवहन, भंडारण और विक्रय के विरुद्ध विशेष निरोधात्मक अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि इस अभियान के दौरान आबकारी निरोधक दलों को परिणामोन्मुख और पुख्ता कार्रवाई करनी होगी। जिन जिलों में प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाया जाएगा, वहां के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
प्रस्तुत की गई प्रगति रिपोर्ट
बैठक में अतिरिक्त आबकारी आयुक्त (पॉलिसी) प्रदीप सिंह सांगावत ने पीपीटी (PPT) के माध्यम से विभिन्न जिलों की कार्य प्रगति और रिपोर्ट प्रस्तुत की। साथ ही, मुख्यमंत्री जनसुनवाई और संपर्क पोर्टल के लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दोहराए गए।
बैठक में उपस्थित अधिकारी:
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अतिरिक्त आबकारी आयुक्त (प्रशासन) अनिल कुमार शर्मा, वित्तीय सलाहकार सुनीता विजय, उपायुक्त (ईपीएफ) प्रद्युम्न सिंह चुण्डावत सहित प्रदेश के सभी जोनों के अतिरिक्त आयुक्त, जिला आबकारी अधिकारी और सहायक आबकारी अधिकारी उपस्थित रहे।