राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय का 11वाँ दीक्षांत समारोह: स्वर्णिम भारत के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान

नरेश गुनानी 

जयपुर, 24 अप्रैल 2026

​राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (RUHS) का 11वाँ दीक्षांत समारोह शुक्रवार को गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता करते हुए राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान कीं और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया।

​शैक्षणिक रिकॉर्ड का डिजिटलाइजेशन

​समारोह के दौरान एक महत्वपूर्ण तकनीकी पहल की शुरुआत की गई। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के अभ्यर्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटलाइज करने वाले पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल पर सभी डिग्रियाँ अपलोड की जाएंगी, जिससे सत्यापन और पहुँच में सुगमता होगी। राज्यपाल ने इसे केंद्र और राज्य सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान की दिशा में एक सराहनीय कदम बताया।

​नई शिक्षा नीति 2020 और भारतीय गौरव

​अपने संबोधन में हरिभाऊ बागडे ने नई शिक्षा नीति (NEP 2020) पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा:

  • सांस्कृतिक जुड़ाव: यह नीति हमें मैकाले द्वारा थोपी गई गुलामी की मानसिकता वाली शिक्षा से मुक्त कर भारत के महान गौरवशाली इतिहास से जोड़ती है।
  • ऐतिहासिक योगदान: उन्होंने याद दिलाया कि भारत ने विश्व को शून्य का ज्ञान दिया और भास्कराचार्य जैसे महान गणितज्ञों ने न्यूटन से बहुत पहले गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांतों को स्पष्ट कर दिया था।
  • कौशल विकास: अंग्रेजों द्वारा नष्ट किए गए घरेलू उद्योगों और गुरुकुल परंपरा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब नई शिक्षा नीति के माध्यम से कौशल विकास पर ध्यान देकर आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार किया जा रहा है।

​युवाओं को नशे से दूर रहने की चेतावनी

​राज्यपाल ने युवाओं को सामाजिक बुराइयों, विशेषकर नशे के प्रति आगाह किया। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश भारत की युवा शक्ति को कमजोर करने के लिए नशे का अवैध व्यापार फैला रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वस्थ रहकर राष्ट्र के विकास में योगदान दें।

​चिकित्सा शिक्षा में नवाचार: एम्स की तर्ज पर विकास

​समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने विश्वविद्यालय के भविष्य को लेकर बड़ी घोषणाएँ कीं:

  1. उत्कृष्टता केंद्र: RUHS को एम्स (AIIMS) की तर्ज पर देश के सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा।
  2. मेडिकल टूरिज्म: राजस्थान को मेडिकल टूरिज्म के हब के रूप में पहचान दिलाने के प्रयास जारी हैं।
  3. स्वास्थ्य योजना: उन्होंने ‘मुख्यमंत्री आरोग्य आयुष्मान योजना’ को देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा पहल बताया।

​दीक्षांत व्याख्यान एवं समापन

​देश के सुप्रसिद्ध नेत्र चिकित्सक डॉ. विकास महात्मे ने दीक्षांत व्याख्यान दिया, जिसमें उन्होंने चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ जीवन में व्यावहारिक कौशल के महत्व को समझाया। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. प्रमोद येवले ने प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे शैक्षिक उन्नयन और नवाचारों की जानकारी दी।

​समारोह के अंत में मेधावी विद्यार्थियों को पदक और उपाधियाँ वितरित की गईं, जिससे परिसर उत्साह और गौरव के क्षणों से भर गया।

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