राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड (RSGL) का बड़ा कदम: प्रदेश में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 31 मार्च तक चलेगा विशेष जागरूकता अभियान
जयपुर | 27 जनवरी, 2026
| नरेश गुनानी
राजस्थान में प्रदूषण मुक्त और सस्ती ऊर्जा के उपयोग को गति देने के लिए राज्य सरकार के संयुक्त उपक्रम राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड (RSGL) ने एक व्यापक जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सीएनजी (CNG) और पीएनजी (PNG) की उपयोगिता समझाना और उन्हें इन आधुनिक सेवाओं से जोड़ना है।

अभियान का लक्ष्य और विस्तार
RSGL के प्रबंध निदेशक रणवीर सिंह ने हाइब्रिड मोड पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में इस अभियान की रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि यह अभियान 31 मार्च तक प्रभावी रूप से संचालित किया जाएगा। बैठक के दौरान फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे समन्वित प्रयास करें ताकि अधिक से अधिक नागरिकों तक हरित ऊर्जा का लाभ पहुँच सके।
- प्रमुख फोकस क्षेत्र: कूकस, नीमराना, कोटा, श्योपुर और ग्वालियर।
- उद्देश्य: सीएनजी के उपयोग में वृद्धि और घरेलू व औद्योगिक क्षेत्रों में पीएनजी कनेक्शन का विस्तार।
सस्ती और सुरक्षित ऊर्जा पर जोर
प्रबंध संचालक रणवीर सिंह ने जानकारी दी कि भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) के निर्देशानुसार प्रदूषण मुक्त ऊर्जा की पहुंच सुगम बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्राकृतिक गैस न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि यह पारंपरिक ईंधन की तुलना में:
- सस्ती है।
- सुरक्षित है।
- पाइपलाइन के माध्यम से 24×7 सहज उपलब्धता सुनिश्चित करती है।
धरातल पर प्रयास: शिविर और प्रोत्साहन
RSGL के उप महाप्रबंधक विवेक श्रीवास्तव और विवेक रंजन ने बताया कि अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जमीनी स्तर पर कार्य शुरू हो चुका है। विशेषकर कोटा जैसे क्षेत्रों में, जहाँ आधारभूत ढांचा पहले से विकसित है, वहां विभिन्न मोहल्लों में बारी-बारी से जागरूकता शिविर लगाए जा रहे हैं। नए कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं भी दी जा रही हैं।
मुख्य वित्त अधिकारी दीप्तांशु पारीक और उप प्रबंधक गगनदीप राजोरिया ने बताया कि इन शिविरों के माध्यम से नागरिकों की शंकाओं और जिज्ञासाओं का मौके पर ही निराकरण किया जा रहा है, ताकि वे बिना किसी हिचकिचाहट के स्वच्छ ऊर्जा को अपना सकें।
बैठक में शामिल प्रमुख अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न क्षेत्रों के जिम्मेदार अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिनमें कोटा से डीजीएम सीपी चौधरी, आनंद आर्य, श्योपुर-ग्वालियर से शिव दीक्षित और कूकस-नीमराना से अतुल शुक्ला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

