जयपुर, 12 अगस्त/ सुनील शर्मा/राजस्थान सरकार राज्य में नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता को नया आयाम देने के लिए ‘राजस्थान स्टेट इनोवेशन हब’ की स्थापना करने जा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा 11 मई 2026 को की गई घोषणा के क्रम में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में शासन सचिवालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस हब को राज्य की विशिष्ट क्षमताओं और चुनिंदा क्षेत्रों में उत्कृष्टता का केंद्र (Center of Excellence) बनाया जाए।
प्रताप नगर में स्थापना का प्रस्ताव
प्रस्तावित स्टेट इनोवेशन हब की स्थापना जयपुर के प्रताप नगर स्थित कोचिंग हब इंस्टीट्यूशनल कॉम्प्लेक्स में करने का विचार किया गया है। बैठक में हब के स्वरूप, भूमि और बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा हुई।
इन मुख्य क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस
मुख्य सचिव ने कहा कि इनोवेशन हब की रूपरेखा तैयार करते समय राजस्थान की पारंपरिक एवं आधुनिक औद्योगिक ताकतों का पूरा ध्यान रखा जाए। इसमें विशेष रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी:
- कृषि अभियांत्रिकी (Agri-Engineering)
- टेक्सटाइल और हैंड प्रिंटिंग (Textiles & Hand Printing)
- मेम्ब्रेन टेक्नोलॉजी (Membrane Technology)
आधुनिक सुविधाएं और iStart से आगे का कदम
राजस्थान में पहले से संचालित ‘iStart’ कार्यक्रम ने स्टार्टअप इकोसिस्टम, निवेशकों, इनक्यूबेटर्स और मेंटर्स को एक मंच पर लाकर मजबूत आधार तैयार किया है। नया इनोवेशन हब ‘iStart’ की सफलताओं को एक कदम और आगे ले जाएगा।
हब में विकसित होने वाली प्रमुख सुविधाएं:
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- स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर: नए विचारों को व्यावहारिक और व्यावसायिक रूप देने के लिए।
- प्रदर्शनी हॉल (Exhibition Hall): नवाचारों और उत्पादों के प्रदर्शन के लिए।
- क्षमता निर्माण केंद्र: कार्यशालाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए आधुनिक सुविधाएं।
“यह हब केवल एक ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं बनेगा, बल्कि अनुसंधान, उद्योग और उद्यमिता को आपस में जोड़ने वाला एक जीवंत मंच साबित होगा।”
— वी. श्रीनिवास, मुख्य सचिव
देश के शीर्ष संस्थानों के मॉडल का होगा अध्ययन
परियोजना को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए देश के सफल इनोवेशन मॉडल का अध्ययन किया जाएगा:
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- IIT मद्रास रिसर्च पार्क के मॉडल का अध्ययन कर उसकी सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणाली को राजस्थान की जरूरतों के अनुसार अपनाया जाएगा।
- BITS पिलानी, MNIT जयपुर और भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों, विचारकों और नवाचार क्षेत्र के दिग्गजों से परामर्श लिया जाएगा।
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आगे की कार्ययोजना
मुख्य सचिव ने वित्त विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे संबंधित विभागों के साथ बैठक कर परियोजना के वित्तीय पहलुओं का गहन परीक्षण करें। हब के अंतिम स्वरूप, स्थान और वित्तीय मॉडल को लेकर एक स्पष्ट और समयबद्ध कार्ययोजना (Action Plan) तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी:
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- आलोक गुप्ता (अतिरिक्त मुख्य सचिव, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग)
- डॉ. आरूषी अजेय मलिक (शासन सचिव एवं आयुक्त, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग)
- वित्त विभाग एवं राजस्थान आवासन मंडल के वरिष्ठ अधिकारी