नरेश गुनानी
जयपुर। राजस्थान सरकार ने प्रदेश के अन्नदाताओं के हित में एक संवेदनशील निर्णय लेते हुए खरीफ-2025 के तहत वितरित अल्पकालीन ब्याजमुक्त फसली ऋणों के पुनर्भुगतान की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया है। इस फैसले से राज्य के 5.57 लाख से अधिक किसानों को सीधे तौर पर आर्थिक राहत मिलेगी और वे पेनल्टी के भारी बोझ से बच सकेंगे।
महत्वपूर्ण तिथियों में बदलाव
सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक के अनुसार, पूर्व में इन ऋणों को चुकाने की अंतिम तिथि 31 मार्च, 2026 निर्धारित थी। किसानों की निरंतर मांग और उनकी व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए सरकार ने अब नई समय सीमा तय की है:
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- नई अंतिम तिथि: 15 मई, 2026 (अथवा ऋण लेने की दिनांक से 12 माह, जो भी पहले हो)।
- पूर्व निर्धारित तिथि: 31 मार्च, 2026।
नोट: सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह विस्तार केवल खरीफ-2025 के दौरान केंद्रीय सहकारी बैंकों द्वारा पैक्स (PACS) और लैम्प्स (LAMPS) के माध्यम से वितरित किए गए ऋणों पर लागू होगा।
लाखों किसानों को मिलेगी आर्थिक सुरक्षा
सहकारिता मंत्री ने बताया कि यदि समय सीमा में यह विस्तार नहीं किया जाता, तो प्रदेश के लगभग 5 लाख 57 हजार किसानों पर बकाया करीब 2,184 करोड़ रुपये का ऋण ‘अवधिपार’ (Overdue) की श्रेणी में आ जाता। तिथि बढ़ने से किसानों को निम्नलिखित दो बड़े नुकसान नहीं होंगे:
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- शून्य ब्याज दर का लाभ: ऋण समय पर चुकाने पर किसानों को ब्याज नहीं देना पड़ता। समय सीमा बढ़ने से अब वे इस ‘शून्य ब्याज योजना’ का लाभ उठा सकेंगे।
- पेनल्टी से बचाव: ऋण अवधिपार होने की स्थिति में किसानों को 2 प्रतिशत अतिरिक्त पेनल्टी चुकानी पड़ती, जिससे अब उन्हें राहत मिल गई है।
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मंत्री की अपील
गौतम कुमार दक ने प्रदेश के किसानों से अपील की है कि वे सरकार द्वारा दी गई इस अतिरिक्त अवधि का अधिकतम लाभ उठाएं। उन्होंने किसानों को प्रोत्साहित किया कि वे विस्तारित समय सीमा के भीतर अपने ऋण का भुगतान सुनिश्चित करें ताकि उनका क्रेडिट रिकॉर्ड सही रहे और उन्हें आगामी सीजन के लिए पुनः शून्य ब्याज दर पर फसली ऋण मिल सके।
मुख्य बिंदु एक नज़र में:
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विवरण |
आंकड़े/जानकारी |
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कुल लाभान्वित किसान |
5.57 लाख से अधिक |
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कुल बकाया ऋण राशि |
₹2,184 करोड़ (लगभग) |
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नई भुगतान तिथि |
15 मई, 2026 |
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संबंधित विभाग |
सहकारिता विभाग, राजस्थान सरकार |