जयपुर / सुनील शर्मा/आयुक्त विभागीय जांच हनुमान मल ढाका ने शुक्रवार को सचिवालय स्थित 181 कॉल सेंटर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि केवल समस्याओं का कागजी निस्तारण ही न किया जाए, बल्कि परिवादियों की वास्तविक संतुष्टि भी सुनिश्चित की जाए।
खुद फोन उठाकर सुनीं जनसमस्याएं
निरीक्षण के दौरान आयुक्त हनुमान मल ढाका ने स्वयं कॉल सेंटर के सिस्टम से परिवादियों से दूरभाष पर बातचीत की। उन्होंने कई जिलों के शिकायतकर्ताओं से सीधे संपर्क साधकर दर्ज समस्याओं की वस्तुस्थिति जानी:
- झुंझुनूं के विनोद: परिवादी विनोद ने बताया कि डिमांड नोटिस राशि जमा कराने के बावजूद उन्हें अभी तक नया बिजली कनेक्शन नहीं मिला है। इस पर आयुक्त ने तुरंत संबंधित विद्युत विभाग के अधिकारी को फोन लगाकर अविलंब कनेक्शन जारी करने के सख्त निर्देश दिए।
- अन्य जिलों के परिवादी: उन्होंने बीकानेर के किशन लाल शर्मा, भरतपुर के हर्ष शर्मा तथा ब्यावर के अनिल बंसल सहित कई अन्य शिकायतकर्ताओं से आत्मीयता से संवाद किया और उनकी पेंडिंग शिकायतों का तुरंत फीडबैक लिया।
सुशासन और पारदर्शिता पर विशेष बल
आयुक्त हनुमान मल ढाका ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप राज्य में सुशासन की अवधारणा को धरातल पर मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए आमजन की समस्याओं का निर्धारित समय सीमा में पारदर्शी समाधान होना अत्यंत आवश्यक है।
“राज्य सरकार आमजन की समस्याओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। समाधान मिलने के बाद परिवादी संपर्क पोर्टल पर अपना फीडबैक जरूर दर्ज कराएं ताकि व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके।”
— हनुमान मल ढाका, आयुक्त (विभागीय जांच)
अधिकारियों को दिए गए प्रमुख निर्देश
- त्वरित कार्रवाई: संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें।
- संतुष्टि फीडबैक: शिकायत बंद करने से पहले आवेदक से संतुष्टि की पुष्टि की जाए।
- संवेदनशीलता: आमजन के प्रति संवेदनशील रुख अपनाते हुए राहत प्रदान की जाए।
निरीक्षण के दौरान राजस्थान संपर्क पोर्टल और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।