जयपुर/मुस्कान तिवाड़ी/मत्स्य विभाग की निदेशक संचिता बिश्नोई ने राजस्थान संपर्क पोर्टल (181) के माध्यम से विभाग से जुड़ी आमजन की शिकायतों एवं लंबित प्रकरणों की समीक्षा के लिए निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों के सही श्रेणीकरण और समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के सख्त निर्देश दिए।
लंबित प्रकरणों पर सख्त रुख और मौके पर समाधान
निरीक्षण के दौरान निदेशक ने मॉडरेशन स्तर पर 90 से 180 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों पर कड़ी नाराजगी जताई और अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर इनका त्वरित निस्तारण करने को कहा।
- परिवादियों से सीधा संवाद: निदेशक ने निरीक्षण के दौरान दूरभाष (फोन) के जरिए परिवादियों से सीधी बात कर उनकी समस्याएँ सुनीं।
- वॉटर टेस्टिंग के निर्देश: एक परिवादी की शिकायत पर तुरंत संज्ञान लेते हुए उन्होंने संबंधित तालाब के पानी की वॉटर टेस्टिंग (जल परीक्षण) कराने का आदेश दिया, ताकि जलीय पर्यावरण सुरक्षित रहे और मत्स्य पालकों को नुकसान न हो।
पारदर्शी नीलामी और हैचरी विकास पर जोर
मत्स्य पालन क्षेत्र को बढ़ावा देने और प्रक्रियाओं को सुगम बनाने के लिए दो प्रमुख पहलुओं पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया:
- तालाबों का ऑनलाइन ऑक्शन: जलाशयों और तालाबों की ऑनलाइन नीलामी से जुड़ी समस्याओं का तुरंत निस्तारण किया जाएगा ताकि नीलामी प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनी रहे।
- हैचरी सुदृढ़ीकरण: राज्य में गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज उत्पादन बढ़ाने के लिए हैचरी के विकास और आधुनिक सुधारों पर बल दिया गया।
2,500 से 3,000 बांधों में रोजगार की अपार संभावनाएं
मत्स्य निदेशक संचिता बिश्नोई ने बताया कि राजस्थान में लगभग 2,500 से 3,000 छोटे-बड़े बांधों और जल संरचनाओं में एक्वाकल्चर एवं मत्स्य पालन के क्षेत्र में स्वरोजगार के बेहतरीन अवसर मौजूद हैं।
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क्षेत्र |
संभावित लाभ |
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जल संरचनाएं |
2,500 से 3,000 बांध एवं तालाब |
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मुख्य लक्ष्य |
पारदर्शी प्रबंधन और गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज |
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सामाजिक प्रभाव |
स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के लिए आजीविका व स्वरोजगार |
जनसुनवाई व्यवस्था से घर बैठे मिल रहा समाधान
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के तहत आमजन की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम पहुंचकर सीधे परिवादियों से संवाद कर रहे हैं। इस पहल से नागरिकों को घर बैठे अपनी समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान मिल रहा है।
निरीक्षण के दौरान मत्स्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं आईटी विंग के तकनीकी विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे।