जयपुर, 22 जुलाई 2026 /नरेश गुनानी/चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त बाबूलाल गोयल ने बुधवार को Secretariat स्थित राजस्थान संपर्क पोर्टल (181) के कॉल सेंटर का दौरा कर विभाग से संबंधित शिकायतों एवं उनके निस्तारण की स्थिति की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जिलों के परिवादियों से फोन पर सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और मौके पर मौजूद अधिकारियों को त्वरित, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।
संपर्क AI और कार्यप्रणाली का अवलोकन
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने राजस्थान संपर्क पोर्टल की समूची कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। उन्होंने ‘संपर्क AI’ के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के विश्लेषण और आंकड़ों के प्रबंधन की प्रक्रिया को समझा।
आयुक्त द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार:
- कुल प्राप्त परिवाद: 14,615
- सफलतापूर्वक निस्तारित परिवाद: 13,713
परिवादियों से सीधा संवाद और ऑन-द-स्पॉट निर्देश
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए परिवादों पर व्यक्तिगत रूप से संज्ञान लिया:
- कोटा (विकलांगता प्रमाण पत्र): कोटा निवासी रमेश से दूरभाष पर बात कर उनके विकलांगता प्रमाण पत्र जारी न होने के प्रकरण की जानकारी ली और अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
- जोधपुर (सोनोग्राफी मशीन): जोधपुर निवासी सुनील से सैटेलाइट अस्पताल में बंद पड़ी या बाधित सोनोग्राफी मशीन से जुड़ी समस्या पर चर्चा की तथा इसे शीघ्र सुचारू कराने का आश्वासन दिया।
- जयपुर (बिल भुगतान एवं फीस रिफंड): जयपुर निवासी संदीप की बिल भुगतान से जुड़ी शिकायत और विष्णु प्रजापत द्वारा नीट यूजी (NEET UG) फीस रिफंड से संबंधित परिवाद के शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।
संवेदनशील और समयबद्ध निस्तारण पर जोर
आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि संपर्क पोर्टल पर दर्ज प्रत्येक प्रकरण का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर, संवेदनशीलता और गुणवत्ता के साथ तय समयसीमा में होना चाहिए। इससे न केवल आमजन को त्वरित राहत मिलेगी, बल्कि जनसेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति उनका विश्वास भी मजबूत होगा।
सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के तहत राज्य में पारदर्शी और जवाबदेह सुशासन स्थापित करने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है। इसके अंतर्गत विभिन्न विभागों के सचिव एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी निर्धारित तिथियों पर 181 कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर सीधे नागरिकों की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। इस पहल से नागरिकों को घर बैठे ही अपनी शिकायतों के समयबद्ध और पारदर्शी समाधान की सुविधा मिल रही है।