राजस्थान: विधायक कंवरलाल मीणा की सदस्यता पर संकट, कांग्रेस ने की रद्द करने की मांग
राजस्थान की राजनीति में सियासी भूचाल
Written By: गौरव कोचर
टेलीग्राफ टाइम्स
मई 2, 2025
जयपुर। राजस्थान की अंता विधानसभा सीट से विधायक कंवरलाल मीणा की विधानसभा सदस्यता पर संकट गहराता जा रहा है। वर्ष 2005 में एक प्रशासनिक अधिकारी पर रिवॉल्वर तानने के मामले में तीन साल की सजा पाए मीणा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब राजस्थान हाईकोर्ट ने भी निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए विधायक को सरेंडर करने का निर्देश दिया है। इसके बाद कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी से मीणा की सदस्यता रद्द करने की मांग की है।
कांग्रेस की तीखी प्रतिक्रिया
राज्य कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद यह स्पष्ट है कि विधायक मीणा अब संविधाननुसार विधानसभा की सदस्यता के योग्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि दो साल से अधिक की सजा मिलने पर सदस्यता स्वतः ही समाप्त हो जाती है, ऐसे में विधानसभा अध्यक्ष को बिना देरी के यह कार्रवाई करनी चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
2005 में तत्कालीन एसडीएम रामनिवास मेहता से बहस के दौरान कंवरलाल मीणा पर रिवॉल्वर तानने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा था। इस मामले में 2018 में एसीजेएम कोर्ट ने सबूतों के अभाव में मीणा को बरी कर दिया था। लेकिन बाद में यह मामला एडीजे कोर्ट पहुंचा, जिसने मीणा को दोषी मानते हुए तीन साल की सजा सुनाई। इसके खिलाफ मीणा ने राजस्थान हाईकोर्ट में अपील की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने भी निचली अदालत के निर्णय को सही ठहराया।
सियासी असर
इस पूरे घटनाक्रम ने राजस्थान की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादाओं से जोड़कर देख रही है, जबकि बीजेपी की ओर से अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। अब सभी की निगाहें विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के फैसले पर टिकी हैं कि क्या वह सदस्यता रद्द करने का कदम उठाएंगे।

