राजस्थान विधान सभा का पंचम सत्र आज से: सर्वदलीय बैठक में सदन की गरिमा और शांतिपूर्ण संचालन पर बनी सहमति
जयपुर | 27 जनवरी, 2026
| नरेश गुनानी
सोलहवीं राजस्थान विधान सभा का पंचम सत्र बुधवार, 28 जनवरी से शुरू होने जा रहा है। सत्र की पूर्व संध्या पर मंगलवार को विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में पक्ष और प्रतिपक्ष के नेताओं ने सदन की कार्यवाही को शांतिपूर्वक चलाने और संसदीय मर्यादाओं का पालन करने पर अपनी सहमति व्यक्त की।
सदन और आसन की गरिमा सर्वोपरि
बैठक को संबोधित करते हुए विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि सदन जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने का एक पवित्र स्थल है। उन्होंने सभी सदस्यों से अपील की कि वे सदन और आसन की गरिमा को बनाए रखें।
- मर्यादापूर्ण आचरण: सभी सदस्य चर्चा के दौरान सम्मानजनक और गरिमापूर्ण शब्दों का उपयोग करेंगे।
- सार्थक चर्चा: अध्यक्ष ने आश्वस्त किया कि जनहित के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा के लिए यदि आवश्यकता हुई, तो सदन को देर रात तक भी चलाया जाएगा।
- सकारात्मक सोच: उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान केवल बातचीत से ही संभव है, इसलिए सभी दल सकारात्मक सोच के साथ सदन के संचालन में सहयोग करें।
प्रश्नों के जवाब और जवाबदेही
विधान सभा अध्यक्ष ने जानकारी दी कि पिछले सत्रों के 96 प्रतिशत प्रश्नों के उत्तर प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि आगामी सत्र में भी समय पर जवाब सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
- प्रश्नकाल और शून्यकाल: अध्यक्ष ने इन दोनों समयों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इनमें किसी भी प्रकार का व्यवधान नहीं होना चाहिए।
- समितियों की रिपोर्ट: समितियों की रिपोर्ट भी समय पर सदन के पटल पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पक्ष और प्रतिपक्ष का दृष्टिकोण
बैठक में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने अपनी बात रखते हुए कहा कि सदन चलाने की जिम्मेदारी जितनी सरकार की है, उतनी ही प्रतिपक्ष की भी है। उन्होंने आग्रह किया कि प्रतिपक्ष द्वारा सदन में उठाए गए मुद्दों को सरकार गंभीरता से ले।
वहीं, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने सर्वदलीय बैठक के आयोजन को अध्यक्ष की एक ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस पहल के दूरगामी सकारात्मक परिणाम सदन के संचालन में दिखाई देंगे।
बैठक में शामिल प्रमुख नेता
हाइब्रिड और प्रत्यक्ष रूप से आयोजित इस बैठक में कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे, जिनमें:
- सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग
- प्रतिपक्ष के मुख्य सचेतक रफीक खान
- विधायक मनोज कुमार, डॉ. सुभाष गर्ग और थावरचन्द
विधान सभा अध्यक्ष ने अंत में सभी सदस्यों से आग्रह किया कि वे अपनी बात निर्धारित समय सीमा के भीतर रखें ताकि अधिक से अधिक सदस्यों को बोलने का अवसर मिल सके।
