नरेश गुनानी
जयपुर, 19 जून 2026। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के उपलक्ष्य में राजस्थान विधानसभा परिसर स्थित ‘कर्तव्य द्वार’ पर शुक्रवार सुबह एक भव्य सामूहिक योग कार्यक्रम ‘योगोत्सव’ का आयोजन किया गया। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विधायकों, विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।
योग से स्वस्थ शरीर और सकारात्मक जीवन दृष्टि: वासुदेव देवनानी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने योग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है।
”योग से स्वस्थ शरीर, संतुलित मन और सकारात्मक जीवन दृष्टि का निर्माण होता है। आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में तनावमुक्त जीवन जीने, रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) बढ़ाने और एक स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए योग सबसे प्रभावी माध्यम है।”
— वासुदेव देवनानी, अध्यक्ष, राजस्थान विधानसभा
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि योग से शारीरिक समन्वय, मानसिक एकाग्रता और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। इसी के साथ उन्होंने सभी नागरिकों से योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने की अपील की।
सुबह 6 बजे दीप प्रज्वलन के साथ शुरुआत
इस सामूहिक योगाभ्यास की शुरुआत सुबह 6 बजे वासुदेव देवनानी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम में कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिनमें शामिल थे:
- विधायक गोपाल शर्मा
- विधायक गोपीचन्द मीणा
- विधायक हरि सिंह रावत
- विधायक शंकर सिंह रावत
- विधायक ताराचन्द जैन
- विधायक गीता बरवड
- विधायक शोभा रानी कुशवाहा
इसके अलावा विधानसभा के प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा, विशिष्ट सहायक के.के. शर्मा सहित सचिवालय के तमाम अधिकारी और कर्मचारी भी इस सेहत और चेतना के उत्सव के साक्षी बने।
सामान्य योग प्रोटोकॉल के तहत किए गए ये आसन
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंगलाचरण और प्रार्थना से हुई, जिसके बाद शरीर को लचीला बनाने के लिए सूक्ष्म व्यायाम (शिथिलीकरण क्रियाएं) कराए गए। योगाचार्य सत्यपाल सिंह और योगाचार्य मेघसिंह ने सामान्य योग प्रोटोकॉल के अनुसार योगासन, प्राणायाम, ध्यान और शांतिपाठ का अभ्यास कराया।
प्रतिभागियों ने तीन अलग-अलग श्रेणियों में मुख्य आसनों का अभ्यास किया:
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अभ्यास की स्थिति |
किए गए मुख्य योगासन |
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खड़े होकर |
ताड़ासन, वृक्षासन, अर्धचक्रासन, पादहस्तासन और त्रिकोणासन |
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बैठकर |
भद्रासन, वज्रासन, उष्ट्रासन, शशकासन, उन्तानमंडूकासन, वक्रासन और अर्ध-उष्ट्रासन |
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लेटकर (पेट व पीठ के बल) |
मकरासन, भुजंगासन, शलभासन (पेट के बल) तथा सेतुबंधासन, उत्तानपादासन, अर्ध-हलासन, पवनमुक्तासन एवं शवासन (पीठ के बल) |
आसनों के बाद प्राणायाम और ध्यान की विभिन्न विधियों का अभ्यास किया गया, जिससे सभी उपस्थित लोगों ने शारीरिक स्फूर्ति, मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन का अनुभव किया।
’वसुधैव कुटुम्बकम्’ के सामूहिक संकल्प के साथ समापन
कार्यक्रम का समापन वासुदेव देवनानी द्वारा दिलाए गए एक सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। उन्होंने विश्व कल्याण, मानव एकता और स्वस्थ जीवन की कामना की। इस दौरान पूरी मानवता के स्वास्थ्य, सद्भाव और संतुलित जीवन की दिशा में काम करने तथा योग के माध्यम से ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ (पूरी धरती ही हमारा परिवार है) की भावना को सशक्त बनाने का संकल्प लिया गया।