राजस्थान विधानसभा के पंचम सत्र का आगाज़: राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने दिया अभिभाषण
| नरेश गुनानी
जयपुर, 28 जनवरी 2026 सोलहवीं राजस्थान विधानसभा के पंचम सत्र की शुरुआत बुधवार को राज्यपाल हरिभाऊ बागडे के अभिभाषण के साथ हुई। राज्यपाल ने सदन के समक्ष वर्ष 2026 का विजन प्रस्तुत करते हुए राज्य सरकार की प्राथमिकताओं और भावी योजनाओं का खाका खींचा।
विधानसभा पहुँचने पर भव्य स्वागत
जैसे ही राज्यपाल हरिभाऊ बागडे विधानसभा परिसर पहुँचे, उनका गरिमामयी स्वागत किया गया। विधानसभा के मुख्य द्वार पर आरएसी (RAC) बटालियन द्वारा उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर सलामी दी गई। स्वागत समारोह में प्रमुख रूप से निम्नलिखित लोग उपस्थित रहे:
- वासुदेव देवनानी, विधानसभा अध्यक्ष
- भजन लाल शर्मा, मुख्यमंत्री
- वी. श्रीनिवास, मुख्य सचिव
- भारत भूषण शर्मा, प्रमुख सचिव (विधानसभा)
सदन में प्रवेश और अभिभाषण की अवधि
औपचारिक स्वागत और सलामी के पश्चात राज्यपाल को एक विशेष प्रोसेशन (जुलूस) के माध्यम से सदन के भीतर ले जाया गया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राज्यपाल ने अपना संबोधन शुरू किया। यह अभिभाषण ऐतिहासिक रूप से विस्तृत रहा, जिसे पूर्ण करने में राज्यपाल ने 1 घंटे 21 मिनट और 23 सेकंड का समय लिया।
अभिभाषण के प्रमुख बिंदु (संभावित)
अपने संबोधन में राज्यपाल ने सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और प्रदेश के विकास के लिए आगामी लक्ष्यों को साझा किया। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर देते हुए राज्य की प्रगति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
संवैधानिक परंपरा का निर्वाह
विधानसभा सत्र का प्रारंभ राज्यपाल के अभिभाषण से होना एक महत्वपूर्ण संवैधानिक परंपरा है। इस अभिभाषण के माध्यम से सरकार सदन और जनता के सामने अपनी भावी नीतियों और कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करती है। अब आने वाले दिनों में सदन में इस अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया जाएगा, जिस पर पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच चर्चा होगी।