राजस्थान विकास मॉडल’ और नवाचारों की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना: मुख्य सचिव ने दिए योजनाओं को और अधिक गति देने के निर्देश

जयपुर, 1 जून 2026।  सुनील शर्मा 

‘राजस्थान विकास मॉडल’ और राज्य सरकार द्वारा किए गए विभिन्न नवाचारों की देशभर में सराहना हो रही है। हाल ही में नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्रालयों के आला अधिकारियों के साथ हुई बैठकों के बाद, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राज्य के संबंधित विभागों को विकास योजनाओं, व्यक्तिगत लाभ के कार्यक्रमों और प्रशासनिक सुधारों को और अधिक गति के साथ लागू करने के आवश्यक निर्देश दिए हैं।

​सचिवालय में सोमवार को आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा की और महत्वपूर्ण परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का रोडमैप तैयार किया।

​राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान और नवाचारों का डॉक्यूमेंटेशन

​मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में शुरू की गई कई पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर ‘उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों’ (Best Practices) के रूप में पहचान मिली है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • ​ग्राम विकास चौपाल
  • ​ग्राम रथ अभियान
  • ​मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान
  • ​चंदन वन
  • ​माय भारत
  • ​राज उन्नति

​कई अन्य राज्यों ने भी इन योजनाओं को अपने यहाँ लागू करने में रुचि दिखाई है। मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन नवाचारों का प्रभावी डॉक्यूमेंटेशन किया जाए और इनकी सफलता की कहानियां (Success Stories) तैयार की जाएं।

​रिफाइनरी, ऊर्जा और औद्योगिक पार्कों की समीक्षा

​बैठक में राज्य की बड़ी ढांचागत परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई:

  • पाइप्ड गैस कनेक्शन: सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ समन्वय स्थापित कर आगामी 30 जून तक 43 हजार पाइप्ड गैस कनेक्शन लाइव करने का लक्ष्य दिया गया है।
  • एचआरआरएल रिफाइनरी: एचआरआरएल रिफाइनरी परियोजना के शीघ्र लोकार्पण, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क विस्तार और वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
  • मॉडल औद्योगिक पार्क: दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र में सेम्बकॉर्प समूह द्वारा प्रस्तावित मॉडल औद्योगिक पार्क की प्रगति की समीक्षा की गई। उद्योग विभाग को निवेश प्रस्तावों पर त्वरित कार्रवाई करने तथा खान एवं पेट्रोलियम विभाग को समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।

​भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और प्रशासनिक सुधार

​मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के प्रति राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचारियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

​डीरिग्यूलेशन एवं कम्प्लायंस रिडक्शन (नियमों के उदारीकरण और अनुपालन में कमी) से संबंधित राजस्थान की मासिक मूल्यांकन रिपोर्ट को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। मुख्य सचिव ने इसकी नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

 

​ज्ञान भारतम् मिशन और सांस्कृतिक संरक्षण

​प्राचीन ग्रंथों और पांडुलिपियों के डिजिटाइजेशन व संरक्षण के लिए चल रहा ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विशेष प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्य सचिव ने कला एवं संस्कृति विभाग, संस्कृत शिक्षा विभाग तथा प्राच्य भाषा निदेशालय को इस मिशन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

​खनन, पेयजल और महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएं

  • खनन क्षेत्र: बैठक में खनिज अन्वेषण, नीलामी प्रक्रिया, प्री-एम्बेडेड क्लीयरेंस और यूनिफाइड माइनिंग पोर्टल जैसे तकनीकी सुधारों पर चर्चा हुई। पेयजल, स्वच्छता, सिंचाई और ऊर्जा सुधारों के लिए अतिरिक्त ऋण सीमा हासिल करने पर भी मंथन किया गया।
  • रेल कनेक्टिविटी: बालोतरा-पाचपदरा पाइपलाइन रेल लाइन कनेक्टिविटी से जुड़े लंबित मामलों के शीघ्र समाधान के लिए खान एवं पेट्रोलियम विभाग को रेल मंत्रालय, जिला प्रशासन और हितधारकों के साथ समन्वय करने को कहा गया है।

​सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास और सुरक्षा (वाइब्रेंट विलेज)

​केंद्रीय गृह मंत्री के राजस्थान दौरे के दौरान दिए गए निर्देशों की पालना करते हुए मुख्य सचिव ने सीमावर्ती गांवों के विकास की समीक्षा की:

  • 4जी कनेक्टिविटी: वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत आगामी नवंबर तक सभी सीमावर्ती गांवों में 4जी कनेक्टिविटी और सड़क संपर्क सुनिश्चित करने का लक्ष्य है। इसके लिए ग्रामीण विकास और आईटी विभाग को वास्तविक गैप का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • आईडी सत्यापन: सीमावर्ती जिलों में शत-प्रतिशत पहचान पत्र (आईडी) सत्यापन का कार्य आगामी अक्टूबर तक पूर्ण करने की समय-सीमा तय की गई है। प्रशासनिक सुधार विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग और डाक विभाग मिलकर इसकी कार्ययोजना बनाएंगे।

​जल संसाधन और सिंचाई परियोजनाएं

​मुख्य सचिव ने जल संसाधन और पेयजल से जुड़े विषयों की समीक्षा करते हुए एमपीकेसी परियोजना, आईजीएनपी ट्रिब्यूनल विजिट, यमुना जल से जुड़े कार्यों और सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने जल संसाधन विभाग को केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्यों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने की हिदायत दी।

बैठक में उपस्थिति:

इस महत्वपूर्ण बैठक में जल संसाधन, खान एवं पेट्रोलियम, उद्योग, वन एवं पर्यावरण, पीडब्ल्यूडी, खेल एवं युवा मामले, और प्रशासनिक सुधार विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिवों सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से भाग लिया।

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