राजस्थान लेखा सेवा परिषद की अभिनव पहल : प्रदर्शन आधारित परीक्षा का सफल आयोजन
लोकेंद्र सिंह शेखावत
जयपुर, 20 सितम्बर 2025। राजस्थान लेखा सेवा परिषद, जयपुर ने पारंपरिक वरिष्ठता-आधारित प्रणाली से आगे बढ़ते हुए शनिवार को प्रदर्शन आधारित परीक्षा का सफल आयोजन किया। इस अवसर पर प्रमुख शासन सचिव, वित्त विभाग वैभव गलरिया ने संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी कानून, नियम या प्रावधान की व्याख्या करते समय सरकार के बड़े उद्देश्य और जनकल्याण को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जैसे सुप्रीम कोर्ट संविधान और कानून का इंटरप्रिटेशन करता है, वैसे ही हमें भी नियमों की व्याख्या आमजन को त्वरित राहत देने और योजनाओं को शीघ्र लागू करने की सोच के साथ करनी चाहिए।

प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि सेवा का नाम बदलने के बिंदु पर विभाग द्वारा विचार किया जाएगा। उन्होंने आयोजन के लिए परिषद को साधुवाद देते हुए विजेताओं को शुभकामनाएं दीं।
परिषद अध्यक्ष ललित वर्मा ने कहा कि समय की आवश्यकता है कि अधिकारियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर प्रोत्साहित किया जाए। इसी सोच के तहत परिषद द्वारा राजस्थान लेखा सेवा (RAcS) अधिकारियों के लिए “मंथन-2025” विशेष प्रतियोगी परीक्षा आयोजित की गई। यह परीक्षा आरटीपीपी अधिनियम, 2012 एवं नियम, 2013 पर आधारित रही।
एचसीएम रीपा, जयपुर में आयोजित इस परीक्षा में सम्पूर्ण राजस्थान से 152 अधिकारियों ने भाग लिया। यह पहल क्षमता निर्माण, ज्ञान वृद्धि और योग्यता आधारित मान्यता के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ तीन प्रदर्शनकर्ताओं को अंतरराष्ट्रीय अध्ययन-अवसर (दुबई) प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त विभिन्न श्रेणियों में विजेताओं को विशेष पुरस्कार दिए गए। वित्तीय सलाहकार, मुख्य लेखा अधिकारी, वरिष्ठ लेखा अधिकारी और लेखा अधिकारी श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त करने वालों को टैबलेट तथा द्वितीय स्थान प्राप्त करने वालों को स्मार्ट वॉच प्रदान की गई।
पुरस्कार वितरण समारोह भगवत सिंह सभागार, नेहरू भवन, ओटीएस परिसर, जयपुर में आयोजित हुआ।