जयपुर, 27 जून 2026/ नरेश गुनानी/राजस्थान रिफाइनरी परियोजना राज्य की अर्थव्यवस्था की दिशा बदलने के लिए तैयार है। 80 हजार करोड़ रुपये के इस महाप्रोजेक्ट के जरिए राज्य में नए निवेश, उद्योगों के विकास और रोजगार संवर्धन को एक बड़ा बूस्ट मिलने जा रहा है। इसी कड़ी में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) राज्यभर में पहले चरण के तहत 300 से अधिक नए पेट्रोल पंप स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा सरकारी भूमि लीज (पट्टे) पर उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शनिवार को शासन सचिवालय में एक उच्च स्तरीय बैठक ली। बैठक में HPCL और एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) के अधिकारियों के साथ गहन चर्चा की गई और सरकारी भूमि को लीज पर देकर 300 से ज्यादा स्थानों पर पेट्रोल पंप लगाने के मामले में अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की गई।
400 करोड़ रुपये का होगा नया निवेश
इस महायोजना के तहत राजस्थान के विभिन्न जिलों में 304 स्थानों को नए रिटेल आउटलेट्स (पेट्रोल पंप) के लिए चिन्हित किया जा चुका है। इन नए पेट्रोल पंपों की स्थापना के लिए HPCL लगभग 400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश करेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के सैकड़ों नए अवसर पैदा होंगे।
31 जुलाई तक बनेगी नई लीज नीति
बैठक में एक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लेते हुए यह तय किया गया कि आगामी 31 जुलाई तक इस संबंध में एक नई नीति तैयार की जाएगी। इस नीति के तहत चिह्नित की गई सरकारी जमीनों को नियमों के अनुसार HPCL को लीज पर सौंपने की प्रक्रिया सुगम बनाई जाएगी, ताकि पेट्रोल पंप स्थापित करने का काम बिना किसी प्रशासनिक देरी के समयबद्ध तरीके से पूरा हो सके।
ईंधन खरीद में ‘प्रेफरेंशियल सप्लायर’ का दर्जा देने की मांग
बैठक के दौरान HPCL और HRRL के अधिकारियों ने राज्य सरकार से एक विशेष अनुरोध किया। उन्होंने मांग रखी कि राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता (RTPP) अधिनियम के तहत सरकारी विभागों द्वारा की जाने वाली ईंधन खरीद में उन्हें ‘प्रेफरेंशियल सप्लायर’ (वरीयता प्राप्त आपूर्तिकर्ता) का दर्जा दिया जाए।
मुख्य उद्देश्य: इस पहल का सीधा उद्देश्य राजस्थान के बाड़मेर में स्थित HRRL रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता का अधिकतम और स्थानीय स्तर पर सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित करना है।
परियोजना के प्रमुख बिंदु:
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मुख्य घटक |
विवरण |
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रिफाइनरी प्रोजेक्ट की कुल लागत |
₹80,000 करोड़ |
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HPCL द्वारा पेट्रोल पंपों पर निवेश |
₹400 करोड़ |
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चिन्हित किए गए नए स्थानों की संख्या |
304 स्थान |
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नई नीति निर्माण की समय-सीमा |
31 जुलाई 2026 |
बैठक में यह वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन और ऑफलाइन) पर आयोजित हुई इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में राज्य सरकार और तेल कंपनियों के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। बैठक में:
- अतिरिक्त मुख्य सचिव (खान) अपर्णा अरोड़ा
- अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) भास्कर ए. सावंत
- अतिरिक्त मुख्य सचिव (उच्च शिक्षा) कुलदीप रांका
- अतिरिक्त मुख्य सचिव (यूडीएच) आलोक गुप्ता
- प्रमुख सचिव (वित्त) वैभव गलारिया
- प्रमुख सचिव (राजस्व) टी. रविकांत
- HPCL के विपणन निदेशक अमित गर्ग सहित कई अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में राज्य सरकार ने रिफाइनरी से जुड़े इन सभी महत्वपूर्ण निवेश कार्यों और पहलों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ तय समय के भीतर आगे बढ़ाने का भरोसा दिया।