राजस्थान राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक की 61वीं वार्षिक साधारण सभा सम्पन्न
आगामी वर्ष 2026-27 में 400 करोड़ रुपये ऋण वितरण का लक्ष्य, एकमुश्त समझौता योजना की अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव
नरेश गुनानी
जयपुर, 3 अक्टूबर।
राजस्थान राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक की 61वीं वार्षिक साधारण सभा शुक्रवार को एपेक्स बैंक के सभागार में सम्पन्न हुई। सभा की अध्यक्षता बैंक प्रशासक एवं अतिरिक्त रजिस्ट्रार (द्वितीय) संदीप खण्डेलवाल ने की, जबकि बैंक प्रबंध निदेशक जितेन्द्र प्रसाद उपस्थित रहे। आमसभा में 39 में से 26 सदस्यों ने भाग लिया।
सभा में बैंक के वर्ष 2024-25 के संतुलन चित्र, लाभ-हानि खाता, बजट के विरुद्ध आय-व्यय प्रतिवेदन, ऋण वितरण कार्यक्रम एवं अन्य विषयों को सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया।

216.05 लाख रुपये का शुद्ध लाभ
आमसभा में बताया गया कि वर्ष 2024-25 में बैंक ने 216.05 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। साथ ही आगामी वर्ष 2026-27 के लिए 400 करोड़ रुपये के ऋण वितरण का लक्ष्य प्रस्तावित किया गया।
एकमुश्त समझौता योजना को सराहा
सभा में मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना 2025-26 के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इसे दीर्घकालीन साख संरचना के लिए “जीवनदायिनी” बताया गया। साथ ही, इस योजना की अवधि 31 मार्च 2026 तक बढ़ाये जाने हेतु प्रस्ताव प्रशासनिक विभाग को भेजने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बैंकों का सम्मान
कार्यक्रम में एकमुश्त समझौता योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों को ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
- वसूली प्रतिशत के आधार पर सम्मानित बैंक
- बिलाड़ा (90.81%)
- चित्तौड़गढ़ (81.10%)
- जोधपुर (67%)
- बीकानेर (65%)
- जैसलमेर (60%)
- सर्वाधिक नकद वसूली करने वाले बैंक
- सीकर (28 करोड़ रुपये)
- जालोर (8.37 करोड़ रुपये)
- राजसमंद (7.20 करोड़ रुपये)
- चूरू (5.66 करोड़ रुपये)
- जयपुर (5.57 करोड़ रुपये)
- वसूली प्रतिशत में उत्कृष्ट प्रदर्शन (वर्ष 2024-25)
- चित्तौड़गढ़ (86.51%)
- बीकानेर (71.42%)
- बिलाड़ा (60.26%)
इसके अतिरिक्त, एकमुश्त समझौता योजना 2025-26 में अति विशिष्ट प्रदर्शन करने पर जालोर प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक को भी सम्मानित किया गया।
भविष्य की रणनीति
सभा में दीर्घकालीन साख संरचना को और अधिक मजबूत करने के लिए अन्य कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए।

