राजस्थान मौसम अपडेट: पूर्वी जिलों में मेघ मेहरबान, पश्चिम में अब भी इंतजार | 29 जून – 6 जुलाई का अलर्ट जारी
रिपोर्ट: प्रीति बालानी
Edited By : नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
जून 30,2025
जयपुर। राजस्थान में इस बार मानसून ने पूर्वी हिस्सों पर दिल खोलकर मेहरबानी दिखाई है, लेकिन पश्चिमी राजस्थान अब भी बादलों की बेरुखी से जूझ रहा है। मौसम विभाग की ओर से 29 जून से 2 जुलाई तक राज्य के 19 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, वहीं 2 से 6 जुलाई के बीच एक और वेदर एक्टिविटी की चेतावनी दी गई है।
🌩️ पूर्वी राजस्थान में येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने कोटा, बूंदी, बारां, सवाई माधोपुर, धौलपुर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, टोंक, जयपुर, अलवर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, झालावाड़, अजमेर, दौसा और करौली जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। इन जिलों में मेघगर्जन, बिजली गिरने, झोंकेदार हवाओं और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।
☔ अब तक औसत से 152% अधिक बारिश
राज्य में 1 से 28 जून तक सामान्य औसत 46.6 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक 117.3 मिमी बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है, जो सामान्य से 152 फीसदी अधिक है। रविवार को अलवर, भरतपुर, करौली, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सिरोही जैसे जिलों में तेज बारिश देखने को मिली।

🔥 पश्चिमी राजस्थान में अब भी गर्मी का प्रकोप
श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 41.4°C दर्ज किया गया, जो पूरे राज्य में सबसे ज्यादा रहा। जबकि सबसे कम तापमान माउंट आबू में 17.0°C रिकॉर्ड किया गया। पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, चूरू जैसे जिलों में अब भी मानसून सक्रिय नहीं हुआ है।
🌧️ 2 से 6 जुलाई: फिर होगी बारिश की वापसी
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर की भविष्यवाणी के अनुसार 2 से 6 जुलाई के बीच जयपुर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग में तेज बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा भी हो सकती है। इससे खेतों में बोवनी की प्रक्रिया को बल मिलेगा।
🌡️ प्रमुख जिलों का न्यूनतम तापमान (29 जून)
- अजमेर: 23.9°C
- अलवर: 27.2°C
- जयपुर: 26.2°C
- सीकर: 25.4°C
- कोटा: 27.0°C
- चित्तौड़गढ़: 25.6°C
- बाड़मेर: 28.0°C
- जैसलमेर: 28.1°C
- जोधपुर: 26.7°C
- बीकानेर: 30.0°C
- चूरू: 29.2°C
- श्रीगंगानगर: 31.2°C
- माउंट आबू: 17.0°C
⏱️ अगले 3 घंटे का येलो अलर्ट
अजमेर, चूरू, सीकर, अलवर, भरतपुर, धौलपुर और आसपास के इलाकों में अगले कुछ घंटों के भीतर मेघगर्जन व हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और बिजली गिरने से बचाव के निर्देश दिए गए हैं।
राजस्थान के पूर्वी जिलों में मानसून की सक्रियता से जहां एक ओर गर्मी से राहत मिली है, वहीं पश्चिमी हिस्सों को अब भी मानसून की राह देखनी पड़ रही है। आने वाले दिनों में मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है, जिससे खेती-किसानी और जनजीवन पर बड़ा असर पड़ सकता है।

