राजस्थान में “सुपोषित ग्राम पंचायत अभियान” का पीयर रिव्यू शुरू
By : सुनिल शर्मा
टेलीग्राफ टाइम्स
18 अगस्त 2025, जयपुर।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप “सुपोषित ग्राम पंचायत अभियान” के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रगति मूल्यांकन हेतु केरल राज्य की टीम ने राजस्थान में पीयर रिव्यू की शुरुआत की है। यह पीयर रिव्यू 18 अगस्त से 24 अगस्त 2025 तक छह चयनित जिलों — जयपुर, उदयपुर, अलवर, चूरू, बूंदी और झुंझुनूं में किया जा रहा है।

समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) के निदेशक वासुदेव मालावत ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 26 दिसम्बर 2024 को जनभागीदारी के माध्यम से कुपोषण के पूर्ण उन्मूलन के लिए शुरू किए गए “सुपोषित ग्राम पंचायत अभियान” के अंतर्गत यह मूल्यांकन एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य आंगनवाड़ी सेवाओं में सुधार, कुपोषण की समाप्ति और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी के जरिए ग्राम स्तर पर पोषण परिणामों में व्यापक सुधार सुनिश्चित करना है।
केरल से आए 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का जयपुर आगमन 17 अगस्त को हुआ। इसके उपरांत रविवार को जयपुर स्थित एक निजी होटल में आमुखीकरण और प्रस्तुतीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें अभियान की रूपरेखा, मूल्यांकन की कार्ययोजना और ग्राम पंचायतों के आकलन की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में संयुक्त परियोजना समन्वयक मेघा सिंह ने सुपोषित ग्राम पंचायत अभियान और विभागीय योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इस दौरान अनुभव-साझाकरण, नवाचारों को बढ़ावा देने और राज्यों के बीच सीखने की प्रक्रिया को नई गति देने पर जोर दिया गया।
निदेशक वासुदेव मालावत ने बताया कि यह पहल “सुपोषित भारत” के लक्ष्य की प्राप्ति में नई ऊर्जा प्रदान करेगी। आमुखीकरण सत्र में प्रतिनिधियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।
इस अवसर पर अतिरिक्त निदेशक (आई) मेघराज मीना, उपनिदेशक आईईसी डॉ. धर्मवीर, संयुक्त परियोजना समन्वयक मेघा सिंह, सहायक निदेशक (प्रशिक्षण) जिज्ञासा शर्मा, विभागीय अधिकारी तथा सहयोगी संस्थाओं IPE Global और UNICEF के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

