राजस्थान में सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़कर हुई 1450 रुपये,

10.5 लाख नए लाभार्थी जुड़े: अविनाश गहलोत

जयपुर, 6 मार्च 2026

| नरेश गुनानी

राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने प्रदेश की पेंशन योजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी पात्र व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में पेंशन राशि को बढ़ाकर अब 1450 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।

​10.5 लाख नए नाम जुड़े, बकाया भुगतान प्रक्रिया में

​अविनाश गहलोत ने सदन को बताया कि वर्तमान सरकार ने अब तक लगभग 10.5 लाख नए लाभार्थियों को पेंशन योजना से जोड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने किसी भी पात्र लाभार्थी का नाम सूची से नहीं हटाया है।

  • भुगतान की स्थिति: दिसंबर 2025 तक की पेंशन का भुगतान किया जा चुका है। कुल 1100 करोड़ रुपये में से केवल 4.56 करोड़ रुपये बकाया हैं, जिनका सत्यापन (वेरिफिकेशन) होते ही भुगतान कर दिया जाएगा।
  • पेंशन बहाली: वर्ष 2017-18 के बाद से रुकी हुई 2 लाख 90 हजार 49 पेंशनर्स की पेंशन को पुनः शुरू किया गया है। अकेले झुंझुनू जिले में 4,945 ऐसे प्रकरणों को दोबारा चालू किया गया है।

​तकनीकी कारणों से रुकी पेंशन का समाधान

​मंत्री ने बताया कि वर्ष 2021 से अब तक जनआधार में बैंक खाता त्रुटि, गलत आईएफएससी कोड या ई-मित्र की मानवीय भूल के कारण लगभग 1.74 लाख लाभार्थियों का भुगतान रुका था। इनमें से डेटा सुधार के बाद 40,167 पेंशनर्स की पेंशन फिर से शुरू कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्यापन के बाद लाभार्थियों को एरियर (बकाया राशि) सहित भुगतान किया जा रहा है। लाभार्थी अपनी स्थिति ई-मित्र या एसएसओ पोर्टल पर स्वयं देख सकते हैं।

​’गिव ऑफ’ अभियान और वार्षिक सत्यापन

​सरकार की पारदर्शिता नीति पर चर्चा करते हुए अविनाश गहलोत ने बताया कि:

  1. गिव ऑफ अभियान: वर्ष 2023 के बाद शुरू किए गए इस अभियान के तहत आय और आयु के आधार पर अपात्र पाए गए व्यक्तियों के नाम हटाकर वास्तविक पात्र लोगों को जोड़ा गया है।
  2. विशेष ग्राम सभाएं: वार्षिक भौतिक सत्यापन के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष ग्राम सभाओं के आयोजन के आदेश दिए गए हैं। इन सभाओं में अनुमोदन के बाद ही अपात्रता के आधार पर पेंशन निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
  3. ऑनलाइन प्रणाली: पूरी योजना जनाधार मेटा-डेटा पर आधारित है और राजएसएसपी (RajSSP) पोर्टल के माध्यम से बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के संचालित होती है।

​जनवरी 2026 की पेंशन का बिल प्रोसेस

​विधायक भगवाना राम सैनी के प्रश्न के लिखित जवाब में मंत्री ने बताया कि जनवरी 2026 की पेंशन के बिल प्रोसेस कर भुगतान के लिए कोषालय (Treasury) को भेज दिए गए हैं। पेंशन केवल उन्हीं मामलों में रोकी जाती है जहाँ लाभार्थी की मृत्यु, राज्य से पलायन, परिवार के किसी सदस्य का सरकारी सेवा में चयन या विधवा पुनर्विवाह जैसे कारण सामने आते हैं। यदि कोई लाभार्थी पेंशन रोके जाने के कारण से संतुष्ट नहीं है, तो वह पात्रता जांच करवाकर इसे पुनः चालू करवा सकता है।

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