बालोतरा / प्रीति बालानी/ प्रदेश में सड़क नेटवर्क और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। वर्ष 2026-27 की बजट घोषणा के तहत राज्य सरकार ने 2,101.16 करोड़ रुपये की लागत से 3,232 मिसिंग लिंक एवं नॉन-पेचेबल सड़कों के निर्माण को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के 187 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 6,418.43 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण कराया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी का वक्तव्य: “हर क्षेत्र तक पहुंचेगा गुणवत्तापूर्ण नेटवर्क”
उपमुख्यमंत्री एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग मंत्री दीया कुमारी ने इस निर्णय पर कहा कि प्रदेश के प्रत्येक गांव, कस्बे और शहर को बेहतरीन सड़क नेटवर्क से जोड़ना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि इन सड़कों के निर्माण से:
- ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में आवागमन सुगम और सुरक्षित होगा।
- व्यापारिक और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
- दूरदराज के इलाकों में विकास की रफ्तार तेज होगी।
दीया कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” के विजन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राजस्थान के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए लगातार बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
बालोतरा जिले को 34.94 करोड़ रुपये की सौगात
इस बजट स्वीकृति के अंतर्गत बालोतरा जिले के तीन मुख्य विधानसभा क्षेत्रों को विशेष सौगात मिली है। जिले में कुल 54 सड़कों का निर्माण कराया जाएगा, जिनकी कुल लंबाई 145.95 किलोमीटर होगी और इस पर 34.94 करोड़ रुपये (लगभग ₹34.92 करोड़) खर्च किए जाएंगे।
विधानसभावार स्वीकृत कार्यों का विवरण:
|
विधानसभा क्षेत्र |
सड़कों की संख्या |
कुल लंबाई (किमी) |
स्वीकृत लागत (करोड़ रुपये) |
|---|---|---|---|
|
बायतु |
16 |
45.90 |
10.95 |
|
पचपदरा |
21 |
51.35 |
11.99 |
|
सिवाना |
17 |
48.70 |
11.98 |
|
कुल योग |
54 |
145.95 |
34.94 |
ग्रामीण आबादी की राह होगी आसान
स्वीकृत किए गए कार्यों में मिसिंग लिंक (छूटी हुई जोड़ने वाली सड़कें) और नॉन-पेचेबल (सख्त मरम्मत योग्य) दोनों प्रकार की सड़कें शामिल हैं। इनके बन जाने से बालोतरा जिले सहित पूरे राज्य के ग्रामीण अंचल में बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, जिससे आमजन की दैनिक आवाजाही पहले की तुलना में बेहद सुगम और सुरक्षित हो जाएगी।