जयपुर, 28 जून/ लोकेंद्र सिंह शेखावत राजस्थान में बच्चों को पोलियोग्रस्त होने से बचाने और देश की पोलियो मुक्त स्थिति को बरकरार रखने के लिए राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का भव्य शुभारंभ हो गया है। रविवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास पर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाकर इस तीन दिवसीय राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत की।
इस अभियान के तहत प्रदेशभर के करीब 1.04 करोड़ बच्चों को पोलियो की सुरक्षा खुराक पिलाई जाएगी। दवा पिलाने के बाद मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट बांटी और अभियान के आधिकारिक पोस्टर ‘दो बूंद हर बार पोलियो पर जीत रहे बरकरार’ का विमोचन भी किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पोलियो से बचाव का एकमात्र प्रभावी और सुरक्षित उपाय समय पर दवा की खुराक देना ही है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बच्चे के भविष्य को अंधकार में डाल सकती है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी माता-पिता से अपील की है कि वे जागरूक नागरिक का कर्तव्य निभाते हुए अपने 5 वर्ष तक के बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर ले जाकर दवा जरूर पिलाएं। उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान पूरी मुस्तैदी से काम किया जाए ताकि राज्य का कोई भी पात्र बच्चा इस सुरक्षा चक्र से वंचित न रहे।
यह अभियान कुल तीन दिनों तक संचालित किया जा रहा है। प्रथम दिन रविवार को निर्धारित पोलियो बूथों पर बच्चों को दवा पिलाई गई, जबकि अगले दो दिन यानी सोमवार और मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलिया की खुराक पिलाना सुनिश्चित करेंगी।
प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारियां की हैं। राज्य भर में लगभग 1.04 करोड़ बच्चों को दवा पिलाने के लक्ष्य के साथ 59 हजार 217 पोलियो बूथ बनाए गए हैं। इस काम के लिए कुल 75 हजार 232 टीमों का गठन किया गया है, जिनमें से बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और यात्रा मार्गों के लिए 7 हजार 11 ट्रांजिट टीमें तथा सुदूर क्षेत्रों, ईंट-भट्टों व बंजारा बस्तियों के लिए 9 हजार 4 मोबाइल टीमें मुस्तैद की गई हैं।
देश में पिछले 15 वर्षों से पोलियो का एक भी नया मामला सामने नहीं आया है और भारत को 27 मार्च 2014 को ही आधिकारिक तौर पर पल्स पोलियो मुक्त होने का प्रमाण-पत्र मिल चुका है। इस ऐतिहासिक जीत को कायम रखने के लिए ही यह सुरक्षात्मक अभियान चलाया जा रहा है।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान ऊर्जा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार हीरालाल नागर, अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ सहित अन्य उच्चाधिकारी तथा जागरूक अभिभावक उपस्थित थे।