नरेश गुनानी
जयपुर | 23 अप्रैल, 2026 राजस्थान में लगातार बढ़ते तापमान और आगामी भीषण गर्मी के तेवरों को देखते हुए राज्य सरकार ने आमजन की सुरक्षा के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग की उप शासन सचिव शैफाली कुशवाहा ने “गर्मी/लू-ताप की लहर (क्या करें और क्या न करें)” विषयक एडवाइजरी जारी कर नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि लू के प्रभावी प्रबंधन और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को कम करने के लिए इन नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
1. आम नागरिकों के लिए बचाव के उपाय
विभाग ने नागरिकों को धूप और लू के दुष्प्रभावों से बचने के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:
- हाइड्रेशन: पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। ओआरएस (ORS), लस्सी, नींबू पानी और छाछ जैसे घरेलू पेय पदार्थों का अधिक सेवन करें।
- पहनावा: बाहर निकलते समय हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें। सिर को हमेशा कपड़े, टोपी या छाते से ढककर रखें।
- समय का ध्यान: दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।
- खान-पान: खाली पेट बाहर न जाएं। अधिक प्रोटीन युक्त, बासी भोजन और नशीले पदार्थों (शराब, अत्यधिक चाय/कॉफी) से परहेज करें, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी पैदा करते हैं।
2. नियोक्ताओं और श्रमिकों के लिए निर्देश
कार्यस्थलों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियोक्ताओं को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है:
- श्रमिकों के लिए कार्यस्थल पर शीतल पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा (आइस पैक, ओआरएस) की उपलब्धता अनिवार्य है।
- भारी श्रम वाले कार्य केवल सुबह या शाम के समय कराए जाएं।
- कार्यस्थल पर छायादार स्थान की व्यवस्था हो ताकि कर्मचारी सीधी धूप से बच सकें।
3. पशुपालकों के लिए विशेष सलाह
बेजुबान पशुओं को हीटस्ट्रोक से बचाने के लिए विभाग ने निर्देश दिए हैं:
- पशुओं को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच काम पर न लगाएं।
- पशुओं को छायादार और हवादार स्थान पर रखें। शेड की छतों पर पुआल डालें या सफेद चूने से पुताई करवाएं।
- पशुओं के आहार में मिनरल मिक्स और हरे चारे को शामिल करें।
आपातकालीन स्थिति: क्या करें?
यदि किसी व्यक्ति को चक्कर आना, अत्यधिक पसीना, कमजोरी या सिरदर्द महसूस हो, तो:
- उसे तुरंत ठंडे और छायादार स्थान पर ले जाएं।
- गीले कपड़े से शरीर को पोंछें और ओआरएस या नींबू पानी पिलाएं।
- स्थिति गंभीर होने (बेहोशी या तेज बुखार) पर तत्काल टोल-फ्री नंबर 108 या 112 पर संपर्क करें या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं।