नरेश गुनानी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य राजस्थान को परिवहन अवसंरचना (Infrastructure) के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना है। बस टर्मिनलों का कायाकल्प न केवल यात्रा को सुगम बनाएगा, बल्कि यह आर्थिक विकास का नया इंजन भी बनेगा।
इन शहरों का होगा कायाकल्प
बजट घोषणा की अनुपालना में प्रथम चरण में राजस्थान के निम्नलिखित शहरों के बस टर्मिनलों को अत्याधुनिक बस पोर्ट में बदला जाएगा:
- प्रमुख शहर: उदयपुर, बीकानेर, भरतपुर, अलवर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, ब्यावर, अजमेर और बूंदी।
- इन चयनित जिला मुख्यालयों पर यात्रियों को हवाई अड्डे जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।
सार्वजनिक निजी भागीदारी (PPP) और आधुनिक सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बस पोर्ट्स का विकास पीपीपी मॉडल पर किया जाए, जिससे बेहतर निवेश और प्रबंधन सुनिश्चित हो सके।
- विश्वस्तरीय सुविधाएं: इन बस पोर्ट्स पर यात्रियों के लिए सुव्यवस्थित वेटिंग लाउंज, आधुनिक शौचालय, फूड कोर्ट, और सूचना केंद्र विकसित किए जाएंगे।
- प्रभावी संचालन: राजस्थान पथ परिवहन निगम (RSRTC) और निजी बसों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा ताकि समयबद्ध और नियमित संचालन हो सके।
- मैनेजमेंट: बस पोर्ट्स के दीर्घकालिक रखरखाव और सुव्यवस्थित प्रबंधन के लिए एक समग्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
आर्थिक विकास और रोजगार को बढ़ावा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बस पोर्ट्स के बहुआयामी लाभों पर प्रकाश डाला:
- रोजगार सृजन: नए बस पोर्ट्स के निर्माण और संचालन से स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
- आर्थिक गतिविधियां: ये बस पोर्ट क्षेत्रीय परिवहन और व्यापार के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेंगे, जिससे आसपास के क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
- सुरक्षित यात्रा: आधुनिक तकनीक और बेहतर निगरानी तंत्र से यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सफर अधिक सुरक्षित होगा।
प्रशासनिक निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस परियोजना को समयबद्ध सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जोर दिया कि निर्माण की गुणवत्ता और प्रबंधन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
”बस टर्मिनलों का आधुनिकीकरण आमजन को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान करने की दिशा में हमारा एक महत्वपूर्ण संकल्प है।” — मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा सहित परिवहन और जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।