राजस्थान में बनेगी देश की अत्याधुनिक ‘कोर लाइब्रेरी’: खनिजों के नमूनों का अब होगा वैज्ञानिक संरक्षण
जयपुर, 02 जनवरी 2026
| सुनील शर्मा
राजस्थान में खनिज अन्वेषण (Mineral Exploration) को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश में ड्रिलिंग के दौरान निकलने वाले पत्थरों के नमूनों (कोर) को सहेजने के लिए नवीनतम तकनीक पर आधारित एक ‘कोर लाइब्रेरी’ तैयार की जाएगी। इसका उद्देश्य खनिज संपदा का वैज्ञानिक विश्लेषण और भविष्य के लिए डेटा सुरक्षित रखना है।
प्रमुख शासन सचिव ने दिए निर्देश
खान एवं भूविज्ञान विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकान्त ने शुक्रवार को राजस्थान स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (RSMET) की बैठक में इस परियोजना की रूपरेखा साझा की। उन्होंने कहा कि राजस्थान खनिजों का हब है, इसलिए ड्रिलिंग से प्राप्त होने वाले कोर सैंपल्स का समयबद्ध विश्लेषण और वैज्ञानिक संधारण (Maintenance) अनिवार्य है।
नागपुर मॉडल का अध्ययन करेगा दल
इस परियोजना को विश्व स्तरीय बनाने के लिए टी. रविकान्त ने विभाग के तीन अधिकारियों के एक दल को इसी माह मिनरल एक्सप्लोरेशन कॉर्पोरेशन (MECL), नागपुर भेजने के निर्देश दिए हैं। यह दल वहां की कोर लाइब्रेरी की कार्यप्रणाली और तकनीक का अध्ययन करेगा, जिसके आधार पर राजस्थान में आधुनिक संसाधनों से युक्त लाइब्रेरी का खाका तैयार किया जाएगा।
”कोर सैंपल केवल आज के लिए ही नहीं, बल्कि भविष्य के अन्वेषण के लिए भी अमूल्य हैं। इनकी बेहतर कैटलॉगिंग और वैज्ञानिक रखरखाव से प्रदेश के माइनिंग सेक्टर को नई दिशा मिलेगी।” — टी. रविकान्त, प्रमुख शासन सचिव
अवैध खनन पर लगाम और नई SOP
बैठक में खनिज खोज कार्य को गति देने के लिए महत्वपूर्ण रणनीतियों पर चर्चा हुई:
- नई गाइडलाइन: एक्सप्लोरेशन, ड्रिलिंग और सैंपल विश्लेषण के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार की जाएगी। इसमें कार्य की समयसीमा और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी।
- अवैध खनन पर प्रहार: टी. रविकान्त ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका ‘वैध खनन’ को बढ़ावा देना है। इसके लिए नई माइनिंग ब्लॉक्स की खोज और नीलामी प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।
- नियमित मॉनिटरिंग: RSMET को वेंडर्स और संबंधित अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में ये रहे मौजूद
RSMET के मुख्य कार्यकारी आलोक प्रकाश जैन ने ट्रस्ट की वर्तमान गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। बैठक में संयुक्त सचिव अरविन्द सारस्वत, निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा, वित्त अधिकारी सुरेश कुमार, एसजी एरियल सर्वे सुनील कुमार वर्मा और वरिष्ठ भूविज्ञानी सुशील कुमार सहित GSI, MECL और IBM के अधिकारी उपस्थित थे।

