राजस्थान में प्रदूषण मुक्त परिवहन की नई शुरुआत: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना कीं 1150 में से पहली खेप की ई-बसें

नरेश गुनानी 

जयपुर, 20 जून। राजस्थान के शहरी परिवहन को स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में शनिवार को एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजधानी जयपुर के अमर जवान ज्योति स्मारक से ‘प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना’ के तहत जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (जेसीटीएसएल) की 29 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से भीलवाड़ा शहर के लिए भी 18 इलेक्ट्रिक बसों का शुभारंभ किया।

​इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खुद टिकट खरीदा और अमर जवान ज्योति से स्टेट हेंगर तक ई-बस में सफर कर आमजन को सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने का संदेश दिया।

​’डबल इंजन’ सरकार से मिला परिवहन को नया संबल

​मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अगस्त 2023 में शहरी परिवहन में ‘इलेक्ट्रिक मोबिलिटी’ को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पीएम ई-बस सेवा योजना की शुरुआत की थी। केंद्र सरकार इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत डिपो निर्माण, इलेक्ट्रिक वर्क और बसों के संचालन के लिए राज्य सरकार को पूरी सहायता दे रही है। यह कदम पर्यावरण संरक्षण और शहरों में प्रदूषण कम करने में मील का पत्थर साबित होगा।

​राजस्थान को मिलेंगी कुल 1150 ई-बसें: जानिए पूरा रोडमैप

​मुख्यमंत्री ने प्रदेश में ई-बसों के संचालन को लेकर आगामी योजनाओं का विस्तृत खाका पेश किया:

  • चयनित शहर: योजना के तहत राजस्थान के 8 प्रमुख शहरों— जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, भीलवाड़ा, अलवर और अजमेर का चयन किया गया है।
  • प्रथम चरण (दीपावली 2026 तक): केंद्र सरकार द्वारा इन 8 जिलों के लिए स्वीकृत की गई शुरुआती 675 ई-बसों का संचालन इस साल दीपावली तक पूरी तरह शुरू कर दिया जाएगा।
  • कुल स्वीकृतियां: 675 बसों के अतिरिक्त 475 और ई-बसें स्वीकृत की जा चुकी हैं। इस प्रकार राजस्थान को कुल 1,150 ई-बसें मिलेंगी।
  • अतिरिक्त पहल: राज्य सरकार अपने स्तर पर शहरी परिवहन के लिए 555 नई ई-बसें और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए 50 शानदार ‘डबल डेकर’ ई-बसें भी सड़कों पर उतारेगी, जिस पर काम तेजी से चल रहा है।

​सीसीटीवी और पैनिक बटन: महिलाओं और दिव्यांगों के लिए विशेष सुरक्षा

​मुख्यमंत्री ने रवानगी से पहले ई-बस का विधिवत पूजन किया और उसके भीतर जाकर आधुनिक सुविधाओं का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने चालक और परिचालक से भी बातचीत की।

सुरक्षा और सुगमता: इन अत्याधुनिक बसों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे और आपातकालीन स्थिति के लिए पैनिक बटन लगाए गए हैं। यह सेवा विशेष रूप से दिव्यांगों, महिलाओं, विद्यार्थियों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहद सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती साबित होगी।

 

​विकसित राजस्थान 2047 और पर्यावरण का संकल्प

​मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम ‘विकसित राजस्थान 2047’ के हमारे संकल्प को साकार करने की दिशा में एक अहम कड़ी है। बीते ढाई वर्षों में राज्य सरकार ने पानी, बिजली, उद्योग और परिवहन के क्षेत्र में विकास को नई गति दी है। इसके साथ ही ‘हरियालो राजस्थान’ और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के जरिए प्रदेश में अब तक लगभग 20 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने जनता से पर्यावरण को बचाने के लिए ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण करने की अपील की।

​कार्यक्रम में मौजूद रहे प्रमुख लोग

​जयपुर में आयोजित इस मुख्य समारोह में विधायक कालीचरण सराफ, गोपाल शर्मा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, जेसीटीएसएल के अध्यक्ष रवि जैन सहित विभाग के तमाम आला अधिकारी और आमजन उपस्थित रहे। वहीं दूसरी ओर, भीलवाड़ा से विधायक उदयलाल भडाणा, अशोक कोठारी और स्थानीय नागरिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस गौरवमयी पल के गवाह बने।

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