राजस्थान में पहली बार आमजन के बीच होगी आर्मी-डे परेड, जयपुर बनेगा ऐतिहासिक आयोजन का गवाह
By : लोकेंद्र सिंह शेखावत
टेलीग्राफ टाइम्स
अगस्त 12,2025
जयपुर, 12 अगस्त 2025 — राजस्थान की राजधानी जयपुर इस साल एक ऐतिहासिक आयोजन की मेज़बानी करेगा। आगामी 15 जनवरी 2026 को यहां पहली बार आर्मी-डे परेड का आयोजन आम जनता के सामने किया जाएगा। इससे पहले तक यह परेड केवल सेना क्षेत्र में होती थी, लेकिन इस बार इसे खुले में आयोजित कर जनता और खासकर युवाओं को भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम से रूबरू कराने की तैयारी है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर भारतीय थल सेना और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में परेड की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्मी-डे परेड भारतीय सेना के अदम्य साहस, वीरता और बलिदान को सम्मान देने का अवसर है। उन्होंने इसे भव्य और यादगार बनाने के निर्देश दिए, ताकि दुनिया बदलते भारत की उभरती तस्वीर देख सके और युवाओं में देशभक्ति की भावना और प्रबल हो।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस आयोजन में अधिक से अधिक स्कूल और कॉलेज के छात्र-छात्राओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। आयोजन स्थल का चयन दर्शक क्षमता को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। जिला कलक्टर को स्थल का नक्शा और पूरा रोडमैप तैयार करने को कहा गया है। साथ ही यातायात और पार्किंग व्यवस्था के उचित प्रबंधन पर भी जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस अवसर पर राजस्थान की अद्भुत संस्कृति की झलक दिखनी चाहिए। इसके तहत पारंपरिक लोकनृत्य, वेशभूषा और संगीत के कार्यक्रम भी शामिल किए जाएंगे, ताकि यह आयोजन सैन्य शक्ति के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित कर सके।
दक्षिण पश्चिम कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल मनजिन्दर सिंह ने बताया कि परेड से पहले और बाद में युवाओं को प्रेरित करने के लिए कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें रक्तदान शिविर, ऑनर रन, साइकिल रैली, ‘नो योर आर्मी’ कार्यक्रम, मोटर साइकिल शो और ‘शौर्य संध्या’ शामिल हैं।
आर्मी-डे परेड के दिन दर्शकों को भारतीय सेना की पूरी ताकत देखने को मिलेगी, जिसमें पैदल सैनिक दस्ते, टैंक, तोप, मिसाइल, सेना बैंड और विभिन्न झांकियों का प्रदर्शन होगा। यह कार्यक्रम न केवल सैन्य कौशल का प्रदर्शन करेगा, बल्कि यह एक भव्य सांस्कृतिक उत्सव की तरह भी याद रखा जाएगा।
बैठक में मुख्य सचिव सुधांश पंत, मेजर जनरल अमर रामदासानी समेत भारतीय थल सेना और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।