हरि प्रसाद शर्मा
जयपुर। राजस्थान के कई जिलों में शनिवार दोपहर अचानक मौसम ने भीषण करवट ले ली। पिछले कई दिनों से रिकॉर्डतोड़ गर्मी और जानलेवा लू (Heatwave) की मार झेल रहे प्रदेशवासियों को इस चक्रवाती आंधी ने भीषण तपन से तो राहत दी, लेकिन अपने पीछे भारी तबाही और डर का मंजर छोड़ गई। राज्य के शेखावाटी और मरुस्थलीय इलाकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली धूलभरी आंधी और रेतीले बवंडर ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया।
रेत के गुबार से आसमान हुआ पीला, दिन में ही जलाना पड़ा वाहनों को हेडलाइट
शनिवार दोपहर बाद अचानक हवा की रफ्तार बढ़ने लगी और देखते ही देखते जैसलमेर, बीकानेर से उठी रेत की विशाल दीवार ने आधे से ज्यादा राजस्थान को अपनी आगोश में ले लिया।
- शून्य हुई विजिबिलिटी: पुष्कर, अजमेर और जयपुर ग्रामीण समेत आसपास के इलाकों में धूल का ऐसा गुबार छाया कि सड़कों पर दृश्यता (Visibility) अचानक शून्य के करीब पहुंच गई।
- पीला हुआ आसमान: तेज आंधी के कारण आसमान में सिर्फ रेत ही रेत नजर आने लगी, जिससे पूरा आसमान डरावने पीले रंग में तब्दील हो गया।
- दिन में छाया अंधेरा: मरुस्थलीय जिलों में बवंडर का असर इतना खतरनाक था कि दोपहर में ही रात जैसा अंधेरा छा गया। राष्ट्रीय राजमार्गों और शहर की सड़कों पर चल रहे वाहनों को दुर्घटना से बचने के लिए अपनी हेडलाइट्स और इंडिकेटर्स चालू करने पड़े। तेज हवाओं के कारण रेत उड़कर लोगों के घरों, दफ्तरों और दुकानों के भीतर तक घुस गई।

चूरू, श्रीगंगानगर, बीकानेर और सीकर में ‘सैंड स्टॉर्म’ का सबसे ज्यादा असर
राजस्थान में सक्रिय हुए इस नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का सबसे भयानक रूप चूरू, श्रीगंगानगर, बीकानेर और सीकर जिलों में देखने को मिला।
ग्राउंड रिपोर्ट: इन चार जिलों में आए ‘सैंड स्टॉर्म’ (रेत के चक्रवात) ने आम जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। कई जगहों पर होर्डिंग्स, पेड़ों की टहनियां और कच्चे छप्पर उड़ने की भी खबरें हैं। हालांकि, इस अंधड़ का एक सकारात्मक पहलू यह रहा कि इसके थमने के बाद झुलसाने वाली गर्मी से तात्कालिक राहत मिली और पारे में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।
मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी: इन 7 संभागों में अलर्ट जारी
जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का असर अभी पूरी तरह थमा नहीं है। विभाग ने आगामी 24 से 48 घंटों के लिए राज्य के एक बड़े हिस्से में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
- इन संभागों में आंधी की आशंका: बीकानेर, जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा, जोधपुर और उदयपुर संभाग के कई जिलों में अगले कुछ घंटों में फिर से तेज धूलभरी आंधी चलने की प्रबल संभावना है।
- ओलावृष्टि और वज्रपात का खतरा: मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दौरान केवल आंधी ही नहीं, बल्कि कुछ चुनिंदा इलाकों में तेज गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि (Hailstorm) और आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने की भी आशंका बनी हुई है।
प्रशासन की अपील: खराब मौसम में बरतें ये सावधानियां
मौसम में आए इस अचानक और उग्र बदलाव को देखते हुए आपदा प्रबंधन और मौसम विभाग ने आम जनता के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है:
- पेड़ों और खंभों से दूर रहें: तेज आंधी के दौरान बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मर और पुराने पेड़ों के नीचे शरण न लें।
- यात्रा टालें: वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि आंधी या बवंडर के समय वाहनों को सड़क किनारे सुरक्षित स्थान पर रोक लें और मौसम साफ होने का इंतजार करें।
- घरों में रहें सुरक्षित: आकाशीय बिजली चमकने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें और पक्के मकानों के भीतर ही रहें। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं को भी खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे बांधने से बचने की अपील की गई है।