राजस्थान में पशुपालन विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न
नरेश गुनानी।टेलीग्राफ टाइम्स
जयपुर, 16 सितम्बर। पशुपालन, गोपालन और मत्स्य विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को शासन सचिवालय में राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, एएमएस और केपीआई आधारित ग्रेडिंग प्रणाली सहित कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

ग्रामीण सेवा शिविर में सक्रिय भागीदारी के निर्देश
डॉ. शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 17 सितम्बर से शुरू होने वाले ग्रामीण सेवा शिविरों में विभाग के कर्मचारी अनुशासित और तत्परता से अपनी भूमिका निभाएं। इन शिविरों के दौरान पशु चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे, जिनमें रोगी पशुओं का उपचार, टीकाकरण और अन्य गतिविधियाँ आयोजित होंगी। साथ ही मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना, मोबाइल वेटरिनरी यूनिट, कॉल सेंटर, चैटबॉट और सेक्स सॉर्टेड सीमन तकनीक जैसी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया।
पशु बीमा में राजस्थान का अग्रणी स्थान
डॉ. शर्मा ने बताया कि राजस्थान देश का पहला राज्य है जहाँ सबसे अधिक संख्या में पशुओं का बीमा हुआ है। उन्होंने विभाग को इसके लिए बधाई दी और कहा कि 30 सितम्बर तक शेष बीमा कार्य पूरा कर लिया जाए, जबकि 1 अक्टूबर से वित्तीय वर्ष 2025-26 का बीमा कार्य शुरू किया जाएगा। इस बार बीमा कार्य एक ही चरण में किया जाएगा ताकि समय और संसाधनों की बचत के साथ पशुपालकों को समय पर लाभ मिल सके।
सेक्स सॉर्टेड सीमन तकनीक पर जोर
सेक्स सॉर्टेड सीमन तकनीक की समीक्षा के दौरान डॉ. शर्मा ने कहा कि यह पशुपालन क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम है, जिससे पशुपालकों को चार गुना लाभ होगा। उन्होंने अब तक की प्रगति पर असंतोष जताते हुए इसकी सघन मॉनिटरिंग और संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि आने वाले समय में सभी कृत्रिम गर्भाधान इसी तकनीक से होंगे और इसके लिए पशुधन निरीक्षकों को प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।
संक्रामक रोगों से बचाव पर समीक्षा
बैठक में लंपी रोग और अन्य संक्रामक रोगों से बचाव हेतु किए जा रहे टीकाकरण की समीक्षा की गई। डॉ. शर्मा ने अधिकारियों को शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने, लंपी के लक्षण मिलने पर पशुओं को आइसोलेट करने और एफएमडी टीकाकरण को समय पर पूरा कर उसका इन्द्राज पशुधन एप पर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सा संस्थाओं में दवाइयों की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए और जहां दवाइयों का उचित उपयोग नहीं हो रहा है, वहां से उन्हें अन्य संस्थाओं में वितरित किया जाए।
नई संस्थाओं और केपीआई प्रणाली पर चर्चा
नवीन पशु चिकित्सा संस्थाओं हेतु जमीन के पट्टों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने जिला कलेक्टर्स के साथ समन्वय कर गति देने को कहा। अब तक 444 भवनों के लिए जमीन उपलब्ध हो चुकी है। डॉ. शर्मा ने केपीआई आधारित 100 अंकों की रैंकिंग प्रणाली की भी समीक्षा की और कहा कि शीर्ष जिलों की तरह अन्य जिलों को भी बेहतर कार्य कर प्रेरणा लेनी चाहिए।
अनुशासन और निष्ठा पर जोर
डॉ. शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि सभी संस्थान समय पर खुलें और कार्मिक अनुशासन व निष्ठा से काम करें। विभाग में कामचोरी, भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पशु चिकित्सकों की व्यक्तिगत रूप से सराहना की और अन्य को उनसे प्रेरणा लेने को कहा।
बैठक में व्यापक भागीदारी
बैठक में विभाग के निदेशक और आरएलडीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आनंद सेजरा, अतिरिक्त निदेशक डॉ. सुरेश मीना, डॉ. प्रवीण सेन, डॉ. विकास शर्मा, डॉ. ओमप्रकाश बुनकर, डॉ. हेमंत पंत सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। संभागीय अतिरिक्त निदेशक, जिलों के संयुक्त निदेशक और वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।
डॉ. सेजरा ने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर विभागीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार का सुनहरा अवसर हैं और हमें ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।