- श्री ओम बन्ना मंदिर के भूमि आवंटन के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित हुआ आभार समारोह
- धार्मिक स्थलों पर बनेगा हेरिटेज वॉक-वे, शेखावाटी की ऐतिहासिक हवेलियों का होगा संरक्षण
- वरिष्ठ नागरिकों को हवाई जहाज और एसी ट्रेन से कराई जाएगी तीर्थयात्रा
- देवस्थान विभाग की धर्मशालाओं के निर्माण और संचालन के लिए बनेगी नई नीति
लोकेंद्र सिंह शेखावत
जयपुर, 31 जुलाई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान शौर्य और पराक्रम की भूमि होने के साथ ही आस्था और विश्वास की पावन धरती है। प्रदेश में पग-पग पर आस्था धाम स्थित हैं और अनेक महापुरुषों ने अपने अलौकिक चमत्कारों से लोकहितकारी कार्य किए हैं। श्री ओम बन्ना के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था है, जहां लोग सड़क दुर्घटनाओं से रक्षा और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को श्री ओम बन्ना मंदिर के लिए भूमि आवंटन के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित आभार समारोह को संबोधित कर रहे थे।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पाली जिले के चोटीला स्थित श्री ओम बन्ना मंदिर के विस्तार और सुव्यवस्थित विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा भूमि आवंटित की गई है। इससे मंदिर परिसर का बेहतर विकास संभव हो सकेगा और क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी गति मिलेगी।
”राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकास भी-विरासत भी’ के मंत्र को आत्मसात कर प्रदेश के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। बीते ढाई वर्षों में विरासत स्थलों और आस्था धामों के विकास के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। पृथ्वीराज चौहान, मीरा बाई, राणा सांगा, हाड़ी रानी और वीर शिरोमणि राव चंद्रसेन जैसे महापुरुषों के पैनोरमा का निर्माण कार्य करवाया गया है।”
— भजनलाल शर्मा, मुख्यमंत्री
हेरिटेज वॉक-वे और ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण
वर्ष 2026-27 के बजट प्रावधानों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू कर रही है:
- हेरिटेज वॉक-वे: पुष्कर, खाटूश्यामजी, नाथद्वारा, केशोरायपाटन, डीग और चित्तौड़गढ़ जैसे प्रमुख धार्मिक शहरों में हेरिटेज वॉक-वे का निर्माण कराया जाएगा।
- जीर्णोद्धार कार्य: किराडू के प्रसिद्ध मंदिर समूह के संरक्षण और जीर्णोद्धार का काम हाथ में लिया जाएगा।
- शेखावाटी की हवेलियां: शेखावाटी क्षेत्र की ऐतिहासिक और कलात्मक हवेलियों के संरक्षण के लिए विशेष कार्ययोजना पर काम जारी है।
- स्थानीय मंदिरों का विकास: पाली के करूणामूर्ति धाम और ब्यावर के मकरमंडी माताजी मंदिर में नए विकास कार्य कराए जाएंगे।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुलभ तीर्थयात्रा और नई धर्मशाला नीति
वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब तक 1 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थयात्रा करवा चुकी है।
- हवाई और ट्रेन यात्रा: इस वर्ष भी हजारों वरिष्ठजनों को हवाई मार्ग से नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर और एसी ट्रेन के माध्यम से देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे।
- नई धर्मशाला नीति: देवस्थान विभाग की धर्मशालाओं के जीर्णोद्धार के साथ-साथ रिक्त पड़ी भूमि पर श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु धर्मशालाओं के निर्माण व संचालन के लिए एक पारदर्शी नई नीति बनाई जाएगी।
- सांस्कृतिक आयोजन: दीपावली, होली, शिवरात्रि, रामनवमी और गुरु पूर्णिमा जैसे प्रमुख त्योहारों पर मंदिरों में विशेष सजावट और भव्य आरती के आयोजन होंगे।
युवाओं, किसानों और बुनियादी ढांचे पर मजबूत फैसले
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां आस्था का सम्मान होता है, वहां संस्कृति सशक्त होती है, समाज संगठित होता है और विकास को नई दिशा मिलती है। उन्होंने प्रदेशवासियों से समृद्ध आध्यात्मिक विरासत को सहेजते हुए विकसित और गौरवशाली राजस्थान बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने रेखांकित किया कि राज्य सरकार पानी और बिजली की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई बड़ी परियोजनाओं को धरातल पर उतार रही है। सख्त फैसलों के जरिए पेपरलीक जैसी कुप्रथाओं पर लगाम लगाई गई है, जिससे युवाओं को रिकॉर्ड भर्तियों और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल रहे हैं। इसके साथ ही किसानों और पशुपालकों के कल्याण के लिए विभिन्न जनहितकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
कार्यक्रम में उपस्थिति:
इस आभार समारोह के अवसर पर विधायक पुष्पेंद्र सिंह राणावत, श्री ओम बन्ना मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी, मारवाड़ राजपूत सभा के प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।