जयपुर/ गौरव कोचर/राज्य में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति-2026 के अंतर्गत मॉडल-ए के तहत निजी औद्योगिक पार्क स्थापित करने के लिए निवेशकों का रुझान तेजी से बढ़ा है। हाल ही में संपन्न हुई पारदर्शी ई-बिड प्रक्रिया के बाद दौसा, बालोतरा और धौलपुर जिलों में लगभग 552 एकड़ भूमि निजी विकासकर्ताओं को आवंटित करने का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो चुका है।
ई-बिड प्रक्रिया और निवेशकों की सहभागिता
भूमि पार्सल प्राप्त करने के लिए उद्योग विभाग द्वारा 27 अगस्त से 8 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन ईएमडी और आवेदन आमंत्रित किए गए थे। 15 सितंबर 2026 को आयोजित ई-बिड में विभिन्न जिलों के लिए उद्यमियों ने उत्साह दिखाया:
- दौसा (राजाहेड़ा, गुड़ा आशीकपुरा एवं नूरपुर): 7 उद्यमियों ने बोली लगाई।
- बालोतरा (वेदरलाई): 5 उद्यमियों ने भागीदारी की।
- धौलपुर (बिजौली): 2 उद्यमियों ने बिड में हिस्सा लिया।
विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे का होगा निर्माण
ई-बिड प्रक्रिया में सफल रहने वाले निजी विकासकर्ताओं को भूमि आवंटन के बाद संबंधित क्षेत्रों में पार्कों का निर्माण शुरू होगा। नीति के तहत इन पार्कों में मूलभूत और अत्याधुनिक सुविधाएं सुनिश्चित करने का दायित्व निजी विकासकर्ता का रहेगा:
- आंतरिक और संपर्क सड़कें, 24×7 जलापूर्ति और विद्युत तंत्र।
- वैज्ञानिक ड्रेनेज व्यवस्था, वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) और स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग।
- पर्यावरणीय संतुलन के लिए कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) पर ग्रीन इंसेंटिव का प्रावधान।
- उद्यमियों की सुविधा के लिए कॉमन यूटिलिटी सेंटर और रेडी-टू-यूज ‘प्लग-एंड-प्ले’ कार्यालय।
औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर
राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन से यह स्पष्ट है कि प्रदेश अब देश के प्रमुख और आकर्षक निवेश गंतव्यों में शुमार हो रहा है। निजी सहभागिता से बनने वाले इन पार्कों से न केवल बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश आकर्षित होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर विनिर्माण गतिविधियों में तेजी आएगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।