जयपुर/ नरेश गुनानी/राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग ने पंचायतीराज एवं नगरीय निकायों में ओबीसी आरक्षण के संबंध में वर्ष 2026 का प्रतिवेदन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को सौंप दिया है। आयोग के अध्यक्ष मदनलाल भाटी एवं सदस्यों ने मुख्यमंत्री से भेंट कर यह महत्वपूर्ण रिपोर्ट प्रस्तुत की।
जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने का संकल्प
प्रतिवेदन प्राप्त करने के उपरांत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय चुनावों को समय पर संपन्न कराने का जो वादा किया गया था, सरकार उस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
’वन स्टेट-वन इलेक्शन’ से होगी संसाधनों की बचत
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वन स्टेट-वन इलेक्शन’ की व्यवस्था से प्रदेश में विकास और जनकल्याण के कार्यों को निरंतर गति मिलेगी। इस पहल से न केवल आम जनता के पैसे और समय की बचत होगी, बल्कि राज्य के प्रशासनिक और वित्तीय संसाधनों का भी बेहतर उपयोग हो सकेगा।
बैठक में मौजूद प्रमुख मंत्री एवं अधिकारी
इस अवसर पर पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर, विधि एवं न्याय मंत्री जोगाराम पटेल, नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा तथा मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास उपस्थित रहे। इनके अलावा ओबीसी आयोग के सचिव अशोक कुमार जैन, आयोग के सदस्य प्रो. राजीव सक्सैना, गोपाल कृष्ण, मोहन मोरवाल, पवन मावंडिया और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।