राजस्थान में नशा माफियाओं पर पुलिस का बड़ा प्रहार
सेना का जवान भी शामिल – 7 तस्कर गिरफ्तार, लाखों का गांजा व एमडीएमए जब्त
जयपुर, 27 अगस्त। गौरव कोचर।टेलीग्राफ टाइम्स
राजस्थान पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। झालावाड़ जिले में दो अलग-अलग कार्रवाइयों में कुल 7 तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से एक भारतीय सेना का जवान भी शामिल है। पुलिस ने इनसे कुल 103.600 किलोग्राम गांजा और 1.57 ग्राम सिंथेटिक ड्रग एमडीएमए बरामद की है।
सरियों से भरे ट्रक में छिपा गांजा
झालावाड़ जिले में एसपी अमित कुमार के निर्देश पर थाना डग पुलिस ने एक ट्रक को रोका, जो बाहर से लोहे के सरियों से भरा हुआ था। तलाशी में सरियों के नीचे 103.600 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।
- मौके से ट्रक चालक जहीर खान (35) और साथी विनोद शर्मा (28), निवासी झालरापाटन को गिरफ्तार किया गया।
इसके बाद पुलिस ने ट्रक को एस्कॉर्ट कर रही एक लग्जरी कार को भी रोका। उसमें सवार
- पीरूलाल मालवीय (34), निवासी राजगढ़ (मध्यप्रदेश), हाल कोतवाली झालावाड़
- अनवर उर्फ अन्नू (29), निवासी झालरापाटन
को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने पीरूलाल मालवीय के पास से भारतीय सेना का आईडी कार्ड भी बरामद किया। प्राथमिक जांच में सामने आया कि वह इसी आईडी का उपयोग नाकाबंदी से बचने और तस्करी में सहयोग के लिए करता था। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
झालरापाटन में सिंथेटिक ड्रग्स का सौदा
इसी दौरान झालरापाटन पुलिस ने गश्त के दौरान एक बिना नंबर की फोर्ड इको स्पोर्ट कार को रोककर तीन संदिग्धों को पकड़ा। तलाशी में कार से 1.57 ग्राम सिंथेटिक ड्रग एमडीएमए बरामद हुआ।
गिरफ्तार आरोपी हैं:
- इमरान उर्फ आशु पाया (26),
- कालू उर्फ शेख शाहरुख (27),
- अजहर (28), निवासी रामगंज मंडी, कोटा।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे परमानंद गुर्जर उर्फ पंडा से 100 ग्राम एमडीएमए खरीदने आए थे। इसके लिए उन्होंने ₹45,000 एडवांस भी दिए थे। लेकिन पुलिस को देखते ही परमानंद गुर्जर मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
अभियान में शामिल टीमें
इस पूरे ऑपरेशन में जिला स्पेशल टीम और स्थानीय पुलिस की बड़ी भूमिका रही।
- थाना डग टीम का नेतृत्व वृत्ताधिकारी जयप्रकाश अटल और एसएचओ वासुदेव सिंह ने किया।
- झालरापाटन टीम का नेतृत्व वृत्ताधिकारी हर्षराज सिंह खरेड़ा और एसएचओ हरलाल मीणा ने किया।

