राजस्थान में नया DGP कौन? UPSC को भेजे गए 9 वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नाम, जल्द होगा चयन
(Telegraph Times Rajasthan Bureau)
Edited By : गणेश शर्मा
टेलीग्राफ टाइम्स
जून 11,2025
जयपुर, 11 जून 2025
राजस्थान में नए पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति को लेकर बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया है। राज्य सरकार ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को वरिष्ठतम आईपीएस अधिकारियों की सूची भेज दी है, जिससे जल्द ही प्रदेश को नया स्थायी डीजीपी मिलने की संभावना बढ़ गई है।
📌 9 वरिष्ठ IPS अधिकारी पैनल में शामिल
सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राजस्थान सरकार ने कुल 9 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम UPSC को भेजे हैं। ये अधिकारी 1990 से लेकर 1994 बैच तक के हैं। पैनल में वरिष्ठता, सेवा रिकॉर्ड और प्रशासनिक दक्षता को प्राथमिकता दी गई है।

सबसे वरिष्ठ नाम है – राजीव कुमार शर्मा (1990 बैच)।
अन्य नाम जो सूची में हैं:
- राजीव कुमार शर्मा (1990 बैच)
- राजेश निर्वाण
- संजय अग्रवाल
- गोविंद गुप्ता
- राजेश आर्य
- अनिल पालीवाल
- आनंद कुमार श्रीवास्तव
इसके अलावा दो अन्य अधिकारी – अशोक कुमार राठौड़ और मालिनी अग्रवाल – भी संभावित पैनल का हिस्सा माने जा रहे हैं। हालांकि, इन दोनों की डीजी पद की पात्रता 30 जून के बाद ही पूरी होगी, इसलिए इनका चयन UPSC के शॉर्टलिस्ट में आने पर निर्भर करेगा।
🔍 क्या है चयन प्रक्रिया?
राज्य सरकार द्वारा भेजे गए इस पैनल में से अब UPSC तीन नामों को शॉर्टलिस्ट करेगा। ये प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के ‘प्रकाश सिंह बनाम भारत सरकार’ फैसले के दिशा-निर्देशों के अनुसार की जा रही है, जिसके तहत DGP की नियुक्ति के लिए पारदर्शिता, वरिष्ठता और निष्पक्षता आवश्यक मानी गई है।
शॉर्टलिस्ट किए गए तीन नामों को UPSC राज्य सरकार को वापस भेजेगा। इसके बाद राज्य सरकार उन्हीं में से किसी एक अधिकारी को राजस्थान का स्थायी डीजीपी नियुक्त करेगी।
🕴️ फिलहाल कार्यवाहक DGP हैं डॉ. रवि प्रकाश मेहरड़ा
पूर्व डीजीपी उत्कल रंजन साहू को हाल ही में राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस कारण एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के डीजी डॉ. रवि प्रकाश मेहरड़ा को कार्यवाहक डीजीपी के रूप में नियुक्त किया गया है।
हालांकि, यह नियुक्ति अस्थायी है और स्थायी डीजीपी की नियुक्ति प्रक्रिया के पूरा होते ही नए डीजीपी पदभार ग्रहण करेंगे।
📅 क्या है संभावित समयसीमा?
सूत्रों के मुताबिक, UPSC की प्रक्रिया जून के अंत तक पूरी हो सकती है और जुलाई के पहले सप्ताह में राजस्थान को नया डीजीपी मिलने की संभावना है। इसके साथ ही राज्य में कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर स्थायित्व और नेतृत्व की स्पष्टता आ सकेगी।
📝 विश्लेषण: वरिष्ठता बनाम प्रशासनिक अनुभव
पिछली नियुक्तियों की तरह इस बार भी बहस इस बात पर रहेगी कि चयन केवल वरिष्ठता के आधार पर हो या प्रशासनिक और फील्ड अनुभव को ज्यादा महत्व दिया जाए। इनमें से कई अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे हैं, जबकि कुछ ने राजस्थान में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवा दी है।
राज्य की कानून व्यवस्था को नई दिशा देने वाला यह फैसला अब UPSC और राज्य सरकार के निर्णय पर निर्भर है। अगले कुछ सप्ताहों में राजस्थान पुलिस के नेतृत्व की तस्वीर साफ हो जाएगी।

