पंवार समिति की रिपोर्ट के आधार पर होगा पुनर्गठन – राजस्व मंत्री हेमंत मीणा
जयपुर, 9 मार्च 2026
| नरेश गुनानी
राजस्थान में राजस्व व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और जन-अनुकूल बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने सोमवार को विधानसभा में घोषणा की कि प्रदेश में नई राजस्व इकाइयों के गठन और वर्तमान इकाइयों में संशोधन का निर्णय पंवार समिति की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।
आहोर विधानसभा क्षेत्र में पटवार मंडलों का होगा विस्तार
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक छगन सिंह राजपुरोहित द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए राजस्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि:
- आहोर क्षेत्र में नवीन पटवार मंडलों के गठन और पुनर्गठन के संबंध में पंवार समिति की रिपोर्ट को आधार बनाया जाएगा।
- वर्तमान में आहोर विधानसभा क्षेत्र में 71 पटवार मंडल संचालित हैं।
- मंत्री ने सदन को बताया कि आहोर में 11 पटवार मंडल ऐसे हैं जो फिलहाल ग्राम पंचायतवार व्यवस्थित नहीं हैं, जिन्हें भविष्य में सुधारा जा सकता है।
3,319 नए पटवारियों की नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण
प्रदेश में राजस्व कार्यों की गति बढ़ाने और पटवारियों के रिक्त पदों को भरने के संबंध में मंत्री मीणा ने बड़ी जानकारी साझा की:
- सीधी भर्ती: विभाग ने पटवारियों की सीधी भर्ती प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली है।
- जिला आवंटन: कुल 3,319 चयनित अभ्यर्थियों को जिलों का आवंटन कर दिया गया है।
- नियुक्ति आदेश: संबंधित जिला कलेक्टरों द्वारा इन नवनियुक्त पटवारियों के नियुक्ति आदेश भी जारी किए जा चुके हैं।
सतत प्रक्रिया है रिक्त पदों को भरना
राजस्व मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि पटवारियों के रिक्त पदों पर पदस्थापन करना एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। विभाग समय-समय पर कार्य की अधिकता और रिक्तियों के अनुसार भर्ती और नियुक्ति की कार्यवाही करता रहता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में विभाग स्तर पर आहोर क्षेत्र के लिए अलग से कोई नया प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है, क्योंकि अब सभी निर्णय पंवार समिति की व्यापक रिपोर्ट आने के बाद ही लिए जाएंगे।
प्रमुख बिंदु एक नजर में:
- पंवार समिति: राजस्व इकाइयों (तहसील, उप-तहसील, पटवार मंडल) के पुनर्गठन का मुख्य आधार बनेगी।
- पारदर्शिता: ग्राम पंचायतवार पटवार मंडलों के गठन पर रहेगा जोर।
- युवाओं को रोजगार: 3,319 नए पटवारी प्रदेश की राजस्व व्यवस्था की कमान संभालेंगे।
