राजस्थान में दिसंबर में होंगे पंचायत और निकाय चुनाव, ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ मॉडल पर अमल की तैयारी

राजस्थान में दिसंबर में होंगे पंचायत और निकाय चुनाव, ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ मॉडल पर अमल की तैयारी

जयपुर |  रिपोर्ट: हरिप्रसाद शर्मा

By : लोकेंद्र सिंह शेखावत 
टेलीग्राफ टाइम्स
अगस्त 07,2025

राजस्थान में इस साल के अंत में पंचायत और शहरी निकायों के चुनाव एक साथ कराए जाएंगे। राज्य सरकार ने “वन स्टेट, वन इलेक्शन” (One State, One Election) नीति को अपनाते हुए सभी निकायों और पंचायतों के चुनाव दिसंबर 2025 में एक ही चरण में कराने की योजना तैयार कर ली है। यूडीएच मंत्री झाबरसिंह खर्रा ने इस बाबत बड़ी जानकारी दी है।

निकायों का पुनर्सीमांकन पूरा, अब वार्डों का नंबर

मंत्री झाबरसिंह खर्रा ने बताया कि राज्य सरकार ने नगर निकायों का पुनर्सीमांकन पूरा कर लिया है और इस संबंध में नोटिफिकेशन भी जारी हो चुका है। अब अगले एक सप्ताह के भीतर वार्डों के पुनर्सीमांकन की अधिसूचना भी जारी की जाएगी। इसके बाद निर्वाचन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

309 नगर निकायों में होंगे चुनाव, तीन नगर निगम होंगे समाप्त

वर्तमान में राजस्थान में कुल 312 शहरी निकाय हैं, लेकिन पुनर्सीमांकन की प्रक्रिया के बाद यह संख्या घटकर 309 हो जाएगी। जयपुर, जोधपुर और कोटा में वर्तमान में दो-दो नगर निगम हैं, लेकिन अब इन शहरों में निगमों का एकीकरण किया जाएगा, यानी इन तीन शहरों में एक-एक निगम बचेगा।

दिसंबर में एक दिन में हो सकते हैं चुनाव

मंत्री खर्रा ने बताया कि जैसे ही मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पूरी होगी, सरकार राज्य निर्वाचन आयोग से अनुरोध करेगी कि दिसंबर 2025 में सभी पंचायतों और निकायों के चुनाव एक ही दिन में कराए जाएं। सरकार की मंशा है कि ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ मॉडल को सफलतापूर्वक लागू किया जाए।

कांग्रेस ने सरकार को घेरा

इस बीच कांग्रेस पार्टी राज्य सरकार पर चुनाव टालने का आरोप लगाते हुए हमलावर रुख अपनाए हुए है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार हार के डर से पंचायतों और निकायों के चुनाव समय पर नहीं करा रही है। विपक्ष का दावा है कि प्रदेश में कई पंचायतों का कार्यकाल इस वर्ष की शुरुआत में ही समाप्त हो चुका है, फिर भी सरकार अब तक चुनाव कराने में विफल रही है।

वन स्टेट, वन इलेक्शन: क्या है यह मॉडल?

“वन स्टेट, वन इलेक्शन” मॉडल के तहत एक ही समय पर राज्य के सभी चुनाव कराए जाते हैं। इसका उद्देश्य प्रशासनिक खर्चों में कटौती, चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ाना और विकास कार्यों में बाधा को कम करना है। राजस्थान इस नीति को अपनाने वाला संभावित पहला बड़ा राज्य बन सकता है।


फोकस बिंदु:

  • दिसंबर 2025 में पूरे राज्य में एक ही दिन होंगे पंचायत-निकाय चुनाव
  • जयपुर, जोधपुर, कोटा में निगमों का एकीकरण
  • वर्तमान 312 निकाय घटकर होंगे 309
  • सरकार बनाम कांग्रेस में चुनाव को लेकर घमासान

 

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