जयपुर/ लोकेंद्र सिंह शेखावत/मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में व्यापार और निवेश से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल, सुगम और पारदर्शी बनाने की दिशा में लागू किए गए ‘डी-रेगुलेशन फेज-I’ के व्यापक सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। मुख्य सचिव कार्यालय के अधीन गठित मॉनिटरिंग सेल द्वारा जारी जुलाई माह की इम्पैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल से जुलाई 2026 के दौरान राजस्थान में लगभग 2.37 लाख करोड़ रुपये (₹2,36,771.68 करोड़) के निवेश आशय (Investment Intents) प्राप्त हुए हैं।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बताया कि नियामकीय बोझ कम करने और निवेश स्वीकृतियों को तेज गति देने के लिए किए गए प्रशासनिक सुधारों से प्रदेश ‘विकसित राजस्थान@2047’ और ‘विकसित भारत@2047’ के लक्ष्य की ओर अग्रसर हो रहा है।
राज निवेश पोर्टल पर आवेदनों में तीन गुना उछाल
सिंगल विंडो सिस्टम के रूप में काम कर रहे ‘राज निवेश पोर्टल’ पर ऑनलाइन सेवाओं की संख्या 181 से बढ़ाकर 190 कर दी गई है।
- कुल आवेदन: अप्रैल से जुलाई के मध्य पोर्टल पर 40,692 आवेदन मिले, जिनमें से 21,899 आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। केवल जुलाई माह में ही 10,675 आवेदन आए।
- डिजिटल सुविधाएं: पोर्टल पर ‘नो योर अप्रूवल्स’ (KYA), एआई-आधारित चैटबॉट, लैंड बैंक विवरण, पब्लिक डैशबोर्ड और शिकायत निवारण जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं।
- जिलेवार स्वीकृतियां: चार माह में सर्वाधिक 4,026 स्वीकृतियां जयपुर में जारी की गईं। इसके बाद जोधपुर में 1,560 और अजमेर में 1,071 स्वीकृतियां दी गईं।
जुलाई माह में 93 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश
केवल जुलाई माह में ही प्रदेश को ₹93,315.46 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। जुलाई के कुल निवेश में शीर्ष तीन सेक्टरों की 76% हिस्सेदारी रही:
- एआई, आईटी एवं आईटीईएस: ₹40,442 करोड़
- शिक्षा क्षेत्र: ₹16,873 करोड़
- ऊर्जा क्षेत्र: ₹13,280 करोड़
प्रमुख सेवाओं के निस्तारण समय में रिकॉर्ड गिरावट
विभिन्न विभागों द्वारा दी जाने वाली अनुमतियों की समयसीमा में उल्लेखनीय कटौती दर्ज की गई है:
- भू-उपयोग परिवर्तन: उदयपुर, बीकानेर और कोटा विकास प्राधिकरणों में औसत निर्णय अवधि 810 दिन से घटकर मात्र 65 दिन रह गई है (92% की कमी)।
- एमएसएमई 90-ए रूपांतरण: अवधि 45 दिन से घटाकर 30 कार्य दिवस की गई, साथ ही देरी पर ‘डीम्ड अप्रूवल’ का प्रावधान लागू किया गया।
- भवन मानचित्र अनुमोदन: 60-120 दिन के स्थान पर अब मात्र 10 से 15 दिन में स्वीकृति।
- बिजली कनेक्शन: जेवीवीएनएल में स्थायी कनेक्शन 10 से घटकर 5 दिन और एवीवीएनएल में 9 से घटकर 4 दिन में।
- अन्य सेवाएं: ई-तुलामान निस्तारण 12 से घटकर 7 दिन, पर्यटन इकाई अनुमोदन 16 से घटकर 10 दिन और कारखाना लाइसेंस का स्वतः नवीनीकरण रियल-टाइम में शुरू हो चुका है।
फायर एनओसी और श्रम सुधारों से मिली राहत
- फायर एनओसी: वार्षिक नवीनीकरण की अनिवार्यता समाप्त कर वैधता अवधि को बढ़ाकर 2 से 5 वर्ष किया गया है। निर्धारित इकाइयों के लिए तृतीय-पक्ष निरीक्षण (Third-party inspection) की सुविधा दी गई है।
- श्रम सुधार: सुरक्षा मानकों के साथ महिलाओं को रात्रि पाली में कार्य करने की अनुमति दी गई है। 10 तक श्रमिकों वाले प्रतिष्ठानों को पंजीकरण से छूट, एकमुश्त पंजीकरण और 24 घंटे के भीतर ऑनलाइन अनुमोदन की सुविधा लागू की गई है।