🌡️ राजस्थान में गर्मी का कहर जारी: सात जिलों में तापमान 45 डिग्री के पार, गंगानगर सबसे गर्म
Reported By: मुस्कान तिवाड़ी
Edited By : नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
जून 08,2025
तेज धूल भरी हवाओं के बीच, मानसून की रफ्तार भी हुई धीमी
(जयपुर/टेलीग्राफ टाइम्स)
राजस्थान में जून की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। रविवार, 8 जून को राज्य के कई जिलों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। श्रीगंगानगर प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले सप्ताह में भी राहत की उम्मीद नहीं है।
🔥 इन जिलों में सबसे ज्यादा गर्मी
राज्य के आधा दर्जन से अधिक जिलों में लू जैसे हालात बने रहे। तापमान का हाल इस प्रकार रहा:
- श्रीगंगानगर: 47.4°C
- बीकानेर: 46.0°C
- बाड़मेर: 45.9°C
- चूरू: 45.6°C
- फलोदी: 45.4°C
- जैसलमेर: 45.2°C
- कोटा: 45.0°C
मौसम विभाग ने बीकानेर, जैसलमेर, चूरू, श्रीगंगानगर, और बाड़मेर जैसे जिलों को रेड जोन में रखा है, जहां 45 से 47 डिग्री तापमान और लू की स्थिति बनी रह सकती है।
🌬️ तेज धूल भरी हवाओं की चेतावनी
जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार, 8 से 10 जून तक बीकानेर संभाग और आसपास के इलाकों में तेज धूल भरी हवाएं 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। इससे दृश्यता और वायु गुणवत्ता पर प्रभाव पड़ने की आशंका है।
🌧️ कोटा और उदयपुर में बारिश की हल्की उम्मीद
राजस्थान में मानसून की दस्तक का अभी इंतजार है। हालांकि मौसम विभाग ने 14 जून को कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन और हल्की बारिश की संभावना जताई है, लेकिन अधिकांश भागों में मौसम शुष्क ही बना रहेगा।
🌀 मानसून की चाल हुई धीमी
देश में इस बार मानसून पहले ही केरल में दस्तक दे चुका है और उम्मीद थी कि यह राजस्थान में भी जल्द पहुंच सकता है। लेकिन मध्य भारत में उसकी रफ्तार धीमी हो गई है और फिलहाल मानसून महाराष्ट्र के आसपास ठहरा हुआ है।
राजस्थान में आमतौर पर मानसून की शुरुआत 20 जून के आसपास मानी जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के आने में अब थोड़ी देरी हो सकती है।
⚠️ लू से बचाव के लिए अलर्ट
चिकित्सा विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग ने जनता से अपील की है कि:
- दोपहर 12 से 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें
- पर्याप्त मात्रा में पानी और ORS का सेवन करें
- हल्के सूती कपड़े पहनें और सिर को ढक कर रखें
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें

