राजस्थान में अमित शाह का 11वां दौरा: सहकारिता और विकास का संदेश देंगे, सत्ता-संगठन के समन्वय को मिलेगा नया आयाम
By : नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
जुलाई 17,2025
जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में बनी सरकार के बाद केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह का यह 11वां राजस्थान दौरा है। शुक्रवार को वे जयपुर के निकट दादिया में आयोजित “सहकार एवं रोजगार उत्सव” को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि इसके जरिए केंद्र सरकार की सहकारिता नीति, राज्य सरकार के विकास कार्यों और बीजेपी के सांगठनिक समन्वय का संदेश देने की रणनीति भी झलकती है।
क्यों खास है दादिया से दिया जाने वाला संदेश?
दादिया पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए रणनीतिक रूप से अहम रहा है। कुछ माह पहले यहीं से पीएम मोदी ने ईआरसीपी (पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना) के तहत राम जल सेतु योजना की सौगात दी थी। अब अमित शाह भी यहीं से सहकारिता और रोजगार के मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाएंगे।
17 महीनों में 11 बार राजस्थान दौरा
अमित शाह का राजस्थान के प्रति विशेष लगाव और लगातार दौरे इस बात का संकेत हैं कि आने वाले निकाय, पंचायत और फिर लोकसभा चुनावों को लेकर बीजेपी ने अभी से कमर कस ली है। बीते 17 महीनों में 11 बार शाह का प्रदेश दौरा इस रणनीति का हिस्सा है।
अब तक के दौरे इस प्रकार रहे:
- 15 दिसंबर 2023 – जयपुर
- 5-7 जनवरी 2024 – जयपुर
- 20 फरवरी 2024 – बीकानेर, उदयपुर, जयपुर
- 31 मार्च-1 अप्रैल 2024 – जयपुर
- 13 अप्रैल 2024 – जयपुर और अलवर
- 15 अप्रैल 2024 – जयपुर
- 20 अप्रैल 2024 – कोटा
- 7-8 दिसंबर 2024 – जोधपुर
- 6 अप्रैल 2025 – जयपुर, कोटपुतली, बहरोड़
- 16-17 अप्रैल 2025 – उदयपुर, सिरोही
- अब (18 जुलाई 2025) – दादिया (जयपुर)
सहकारिता में गुजरात मॉडल का असर
अमित शाह खुद गुजरात से आते हैं, जो सहकारिता क्षेत्र में अग्रणी माना जाता है। यही कारण है कि जब उन्हें गृह मंत्रालय सौंपा गया, उसी के साथ सहकारिता मंत्रालय भी उनके अधीन किया गया। यह क्षेत्र वर्षों तक कांग्रेस का गढ़ माना जाता रहा है। लेकिन अब बीजेपी इस ढांचे में आमजन की भागीदारी बढ़ाकर उसे अपने पक्ष में मोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।
बीजेपी अध्यक्ष मदन राठौड़ का बयान
प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा:
“सहकारिता क्षेत्र में वर्षों से जमे मठाधीशों को अब अपने पदों के जाने का डर है। आमजन की भागीदारी बढ़ने से कांग्रेस का वर्चस्व टूटेगा। कांग्रेस को यही डर है, इसलिए वे विरोध कर रहे हैं।”
राठौड़ ने यह भी स्पष्ट किया कि अमित शाह चुनाव प्रचार नहीं करते, वे सेवा का भाव लेकर आते हैं। उनकी लोकप्रियता उनके जनाधार से है। उन्होंने सभी बीजेपी विधायकों और जिला अध्यक्षों को दादिया आने के निर्देश दिए हैं और स्वयं व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया है।
कार्यक्रम में कौन से विषय होंगे शामिल?
- पैक्स समितियां (PACS)
- कृषि सहकारी समितियां
- दुग्ध सहकारी समितियां
- कोऑपरेटिव बैंक और ग्रामीण सहकारिता तंत्र
- रोजगार सृजन और युवा सशक्तिकरण पर केंद्रित योजनाएं
राजनीतिक संदेश क्या है?
अमित शाह का यह दौरा सिर्फ सरकारी योजनाओं के प्रचार तक सीमित नहीं, बल्कि सत्ता और संगठन के बीच गहरे समन्वय को और मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम है। सूत्रों की मानें तो शाह इस दौरान सीएम भजनलाल शर्मा के विकास मॉडल की समीक्षा करेंगे और 2029 तक की लंबी रणनीति पर भी बातचीत होगी।

