राजस्थान में अब ‘अनाज एटीएम’ से मिलेगा राशन: जयपुर, बीकानेर और भरतपुर से होगी शुरुआत

राजस्थान में अब ‘अनाज एटीएम’ से मिलेगा राशन: जयपुर, बीकानेर और भरतपुर से होगी शुरुआत

प्रदेश में ‘गिव अप’ अभियान की सफलता: 54.36 लाख संपन्न लोगों ने स्वेच्छा से छोड़ी खाद्य सुरक्षा, 81 लाख नए पात्रों के लिए बनी जगह

| योगेश शर्मा

जयपुर। राजस्थान के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बुधवार को शासन सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान विभागीय उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश के तीन जिलों— जयपुर, बीकानेर और भरतपुर में जल्द ही ‘अनाज एटीएम’ (Grain ATM) खोले जाएंगे। इन मशीनों के माध्यम से खाद्य सुरक्षा लाभार्थी बिना उचित मूल्य की दुकान (राशन की दुकान) जाए, स्वयं अपना राशन प्राप्त कर सकेंगे।

फ़ोटो टेलीग्राफ टाइम्स

​’गिव अप’ अभियान: सामाजिक सरोकार की अनूठी मिसाल

​मंत्री गोदारा ने बताया कि 1 नवंबर 2024 से शुरू हुए ‘गिव अप’ अभियान को प्रदेश की जनता का अपार समर्थन मिला है।

  • त्याग की भावना: अब तक 54.36 लाख से अधिक संपन्न नागरिकों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा सूची (NFSA) से अपना नाम हटवाया है।
  • चेतावनी: उन्होंने स्पष्ट किया कि 28 फरवरी को अभियान की अवधि समाप्त होने के बाद, यदि कोई अपात्र व्यक्ति स्वेच्छा से नाम नहीं हटवाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
  • राष्ट्रीय स्तर पर सराहना: हाल ही में संपन्न 32वीं उत्तर क्षेत्रीय परिषद की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी राजस्थान के इस अभियान की सराहना की है।

​81 लाख रिक्तियां और नए लाभार्थियों का जुड़ाव

​प्रदेश में जनसंख्या के अनुपात में एनएफएसए लाभार्थियों की सीमा (सीलिंग) 4.46 करोड़ थी, जो पहले भरी हुई थी। मंत्री ने बताया कि:

  1. ​’गिव अप’ अभियान और लगभग 27 लाख लाभार्थियों द्वारा ई-केवाईसी नहीं करवाने के कारण कुल 81 लाख रिक्तियां बनीं।
  2. ​मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार पोर्टल पुनः शुरू होने के बाद अब तक 73 लाख वंचित पात्रों को सूची में जोड़ा जा चुका है।
  3. जयपुर जिला अव्वल: नए लाभार्थी जोड़ने में जयपुर (3.17 लाख) प्रथम, बाड़मेर (3.07 लाख) द्वितीय और सीकर (3.04 लाख) तीसरे स्थान पर रहा।

​राजस्थान: देश का एकमात्र राज्य जहां एनएफएसए में रिक्तियां मौजूद

​सुमित गोदारा ने गौरव के साथ बताया कि वर्तमान में प्रदेश की सूची में 4.35 करोड़ लाभार्थी शामिल हैं और 11 लाख रिक्तियां अभी भी मौजूद हैं। राजस्थान देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां इतनी बड़ी संख्या में रिक्तियां उपलब्ध हैं, जिनके लिए आवेदन लिए जा रहे हैं। वर्तमान में केवल 90 हजार आवेदन ही लंबित हैं।

​शुद्धिकरण और पारदर्शिता के लिए त्रिस्तरीय जांच

​खाद्य मंत्री ने बताया कि खाद्य सुरक्षा सूची को पारदर्शी और शुद्ध बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं:

    • फील्ड विजिट: विभागीय अधिकारी महीने में 8 दिन फील्ड में रहकर आवेदनों की सत्यता जांच रहे हैं।
    • त्रिस्तरीय जांच: अपात्रों को रोकने के लिए आवेदनों की तीन स्तरों पर सूक्ष्मता से जांच की जा रही है।
    • सरल प्रक्रिया: जिला कलेक्टरों को वंचित पात्रों को जोड़ने के लिए अधिकृत किया गया है ताकि प्रक्रिया में देरी न हो।

​”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्येय है कि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे। इसी विजन को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में हम धरातल पर उतार रहे हैं।”

सुमित गोदारा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री

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